धोखाधड़ी मामले में विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी को बड़ा झटका, कोर्ट ने दूसरी बार रिजेक्ट की जमानत याचिका

Edited By suman prajapati, Updated: 01 Feb, 2026 02:08 PM

court rejected bail application of vikram bhatt and his wife shwetambari

धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में पिछले डेढ़ महीने से जेल में बंद फिल्ममेकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को बड़ा झटका लगा है। राजस्थान हाईकोर्ट ने शनिवार, 31 जनवरी को विक्रम समेत सभी आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। न्यायमूर्ति...

मुंबई. धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में पिछले डेढ़ महीने से जेल में बंद फिल्ममेकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को बड़ा झटका लगा है। राजस्थान हाईकोर्ट ने शनिवार, 31 जनवरी को विक्रम समेत सभी आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। न्यायमूर्ति विनोद कुमार भरवानी ने अपने आदेश में कहा कि मामले की वर्तमान स्थिति को देखते हुए इस स्तर पर आरोपियों को जमानत देना उचित नहीं माना जा सकता।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश स्पेशल पब्लिक प्रॉसीक्यूटर (SPP) ने जमानत याचिकाओं का कड़ा विरोध किया। सरकारी वकील ने दलील दी कि इस केस की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और आरोपियों से आगे भी पूछताछ जरूरी है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि यदि इस समय आरोपियों को रिहा किया गया, तो वे गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं या सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं।

 

यह मामला ‘इंदिरा आईवीएफ एंड फर्टिलिटी सेंटर’ के संस्थापक अजय मुर्डिया की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि फिल्म निर्माण के नाम पर लिए गए पैसों का गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया। अजय मुर्डिया ने विक्रम भट्ट, उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट और अन्य लोगों पर धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के गंभीर आरोप लगाए हैं।

आरोपों के अनुसार, भट्ट परिवार ने अलग-अलग नामों से कथित तौर पर फर्जी बिल तैयार किए और शिकायतकर्ता से पैसों का ट्रांसफर करवाया। यह धनराशि फिल्म निर्माण के लिए दी गई थी, लेकिन आरोप है कि इसे निजी खातों में जमा कर अपने इस्तेमाल में लाया गया। इस मामले में नवंबर 2025 में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद राजस्थान पुलिस ने 7 दिसंबर को विक्रम भट्ट, उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट, उदयपुर निवासी दिनेश कटारिया और भट्ट के मैनेजर महबूब अंसारी को मुंबई से गिरफ्तार कर उदयपुर ले आई थी।

अब 30 करोड़ रुपये के कथित फ्रॉड मामले में विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। यह दूसरी बार है जब अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज की है। इससे पहले राजस्थान हाईकोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग वाली याचिका भी खारिज कर दी थी।
 
इस समय विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी भट्ट को उदयपुर की सेंट्रल जेल में रखा गया है। मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस केस में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
  

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