Edited By suman prajapati, Updated: 05 Feb, 2026 05:23 PM

बॉलीवुड एक्टर विवेक ओबेरॉय ने अपनी पहचान और छवि के दुरुपयोग को लेकर काफी परेशान दिख रहे हैं। अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए हाल ही में एक्टर ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने एक अहम याचिका में कोर्ट से आग्रह किया कि उनकी...
मुंबई. बॉलीवुड एक्टर विवेक ओबेरॉय ने अपनी पहचान और छवि के दुरुपयोग को लेकर काफी परेशान दिख रहे हैं। अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए हाल ही में एक्टर ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने एक अहम याचिका में कोर्ट से आग्रह किया कि उनकी अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति, संस्था या डिजिटल प्लेटफॉर्म उनके नाम, आवाज, फोटो, वीडियो या उनकी पहचान से जुड़ी किसी भी चीज का इस्तेमाल न कर सके।
अज्ञात लोगों के खिलाफ भी याचिका
विवेक ओबेरॉय ने अपनी याचिका में ‘जॉन डो’ यानी अज्ञात लोगों को भी पक्षकार बनाया है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर कई फर्जी अकाउंट उनके नाम और तस्वीरों का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। ये अकाउंट न सिर्फ लोगों को भ्रमित कर रहे हैं, बल्कि उनकी पहचान का सहारा लेकर निजी और व्यावसायिक फायदे भी उठाए जा रहे हैं।

फर्जी अकाउंट और अवैध कारोबार का आरोप
याचिका में विवेक ने बताया कि कुछ लोग उनकी पहचान का इस्तेमाल कर बिना इजाजत प्रोडक्ट्स और सर्विसेज बेच रहे हैं। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपफेक टेक्नोलॉजी की मदद से उनकी तस्वीरों और वीडियो को गलत तरीके से एडिट कर पेश किया जा रहा है। ऐसे कंटेंट को सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है, जो न सिर्फ भ्रामक है बल्कि उनकी छवि को भी नुकसान पहुंचा रहा है।
पोस्टर, वीडियो और डिजिटल कंटेंट से हो रहा नुकसान
विवेक ओबेरॉय ने कोर्ट को यह भी बताया कि पोस्टकार्ड, पोस्टर, वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उनकी छवि को जानबूझकर खराब किया जा रहा है। कई मामलों में यह कंटेंट अपमानजनक और मानहानिकारक है। आरोप है कि कुछ लोग उनकी लोकप्रियता और पहचान का गलत फायदा उठाकर अपने बिजनेस को प्रमोट कर रहे हैं, जिससे उनकी साख और मार्केट वैल्यू पर असर पड़ रहा है।
नाम और पहचान पर पहला हक व्यक्ति का
याचिका में साफ तौर पर कहा गया है कि किसी भी कलाकार या सार्वजनिक व्यक्ति के नाम, छवि और पहचान पर सबसे पहला और वैधानिक अधिकार उसी व्यक्ति का होता है। बिना सहमति इसका व्यावसायिक इस्तेमाल करना कानूनन गलत है। इससे न सिर्फ व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान होता है, बल्कि उसकी प्रोफेशनल वैल्यू भी प्रभावित होती है।
पहले भी कई सेलिब्रेटी कर चुके है मांग
गौरतलब है, इससे पहले सलमान खान, आर माधवन, एनटीआर जूनियर और पवन कल्याण अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए कोर्ट का रुख कर चुके हैं। इसी कड़ी में अब विवेक ओबेरॉय की इस याचिका को भी अहम माना जा रहा है।