Edited By suman prajapati, Updated: 05 Feb, 2026 01:35 PM

मनोज बाजपेयी की अपकमिंग फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ रिलीज से पहले ही विवादों के घेरे में आ गई है। नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होने वाली इस फिल्म के टाइटल को लेकर अब मामला सीधे दिल्ली हाई कोर्ट तक पहुंच गया है। कोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि फिल्म...
मुंबई. मनोज बाजपेयी की अपकमिंग फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ रिलीज से पहले ही विवादों के घेरे में आ गई है। नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होने वाली इस फिल्म के टाइटल को लेकर अब मामला सीधे दिल्ली हाई कोर्ट तक पहुंच गया है। कोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि फिल्म का नाम ब्राह्मण समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला और अपमानजनक है।
टाइटल को लेकर कोर्ट में पहुंचा मामला
दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया है कि फिल्म के शीर्षक और प्रमोशनल कंटेंट में ‘पंडित’ शब्द को जानबूझकर भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी जैसे नकारात्मक अर्थों से जोड़ा गया है। याचिकाकर्ता वकील विनीत जिंदल का कहना है कि यह शीर्षक एक विशेष धार्मिक और सामाजिक समुदाय की छवि को नुकसान पहुंचाता है।

ब्राह्मण समुदाय की गरिमा पर सवाल
याचिका में यह भी दावा किया गया है कि फिल्म की रिलीज से ब्राह्मण समुदाय की प्रतिष्ठा और सामाजिक सम्मान को ठेस पहुंच सकती है। याचिकाकर्ता ने आशंका जताई कि इस तरह का कंटेंट सांप्रदायिक तनाव को बढ़ावा दे सकता है और इससे सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने का खतरा भी है।
केंद्र सरकार को बनाया गया पक्षकार
इस मामले में केंद्र सरकार को भी मुख्य पक्षकार बनाया गया है। याचिका में तर्क दिया गया है कि डिजिटल और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को रेगुलेट करना सरकार की जिम्मेदारी है और ऐसे कंटेंट पर रोक लगाई जानी चाहिए जो सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचा सकता है।
फिल्म की रिलीज पर रोक की मांग
याचिकाकर्ता ने कोर्ट से अपील की है कि फिल्म की रिलीज पर तत्काल रोक लगाई जाए। उनका कहना है कि क्रिएटिव फ्रीडम के नाम पर किसी भी धार्मिक या सामाजिक समूह को निशाना बनाना उचित नहीं है। याचिका में यह भी कहा गया है कि यह कथित कंटेंट संविधान के अनुच्छेद 14, 21 और 25 का उल्लंघन करता है।
नेटफ्लिक्स पर कार्रवाई की मांग
इसके साथ ही केंद्र सरकार से यह भी आग्रह किया गया है कि मौजूदा डिजिटल कानूनों के तहत नेटफ्लिक्स के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए और भविष्य में इस तरह के विवादित कंटेंट पर सख्त नियंत्रण रखा जाए।
अब देखना ये होगा कि दिल्ली हाई कोर्ट इस याचिका पर क्या रुख अपनाता है और क्या मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ अपनी तय रिलीज से पहले किसी बड़ी कानूनी अड़चन में फंसती है या नहीं।