Edited By suman prajapati, Updated: 25 Feb, 2026 12:09 PM

मशहूर बॉलीवुड फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के घर पर पिछले दिनों फायरिंग की घटना हुई थी। वहीं, अब इस मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। हाल ही में मुंबई क्राइम ब्रांच की पूछताछ में ये बात सामने आई है कि दिल्ली की तिहाड़ और मुंबई की आर्थर रोड जेल से इस...
मुंबई. मशहूर बॉलीवुड फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के घर पर पिछले दिनों फायरिंग की घटना हुई थी। वहीं, अब इस मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। हाल ही में मुंबई क्राइम ब्रांच की पूछताछ में ये बात सामने आई है कि दिल्ली की तिहाड़ और मुंबई की आर्थर रोड जेल से इस पूरी वारदात की साजिश रची गई थी।
हाल ही में पूछताछ के दौरान हरियाणा और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार हुए आरोपियों ने पुलिस को बताया कि इस साजिश के तार लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गों से जुड़े हुए हैं।
पुलिस के मुताबिक, रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग करने की मुख्य जिम्मेदारी 'आगरा मॉड्यूल' को दी गई थी। इस मॉड्यूल में शूटर दीपक चंद्रा मुख्य भूमिका में था। जांच में खुलासा हुआ कि दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद लॉरेंस गैंग के सदस्य गोलू पंडित ने इस पूरे मॉड्यूल का कोऑर्डिनेशन किया था। गोलू पंडित और शुभम लोनकर के बीच पुराना परिचय था, जिसके चलते शुभम ने गोलू को फायरिंग के लिए नए लड़कों की भर्ती करने का काम सौंपा था।

शूटरों की भर्ती की प्रक्रिया काफी सोची-समझी थी। तिहाड़ में बंद गोलू पंडित ने विष्णु कुशवाहा नाम के शख्स से संपर्क किया, जिसने आगे चलकर शूटर दीपक और अन्य लड़कों को इस अपराध के लिए तैयार किया। बाद में शुभम लोनकर और आरजू बिश्नोई सीधे दीपक और उसके साथियों के संपर्क में आए और उन्हें काम के बदले मोटी रकम देने का लालच दिया।
चौंकाने वाली बात यह है कि शूटरों की गिरफ्तारी से कुछ दिन पहले ही गोलू पंडित जमानत पर बाहर आ गया था। अब मुंबई पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
वहीं, इस वारदात के लिए वाहन और हथियारों की व्यवस्था ‘पुणे मॉड्यूल’ के जरिए की गई। पुलिस जांच में सामने आया है कि इसका संचालन शुभम लोनकर का भाई प्रवीण लोनकर कर रहा था, जो इस समय आर्थर रोड जेल में बंद है। उस पर एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में भी आरोप हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि जेल में रहते हुए ही वह इस हमले से जुड़ी लॉजिस्टिक गतिविधियों को संभाल रहा था।
अब मुंबई पुलिस प्रवीण लोनकर की रिमांड लेने की तैयारी में है, ताकि पूछताछ के जरिए इस साजिश के और पहलुओं को उजागर किया जा सके। यह मामला इस ओर इशारा करता है कि जेल के भीतर से भी संगठित अपराध किस तरह सक्रिय है और फिल्म इंडस्ट्री की बड़ी हस्तियों को निशाना बनाने की कोशिशें जारी हैं।