Edited By suman prajapati, Updated: 13 Feb, 2026 03:13 PM

फिल्म निर्माता विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट पर पिछले साल दिसंबर में पैसों की धोखाधड़ी के आरोप लगे थे, जिसके बाद से दोनों 7 दिसंबर में जेल की हवा खा रहे थे। वहीं, हाल ही में इस दंपत्ति को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दे दी है।
मुंबई. फिल्म निर्माता विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट पर पिछले साल दिसंबर में पैसों की धोखाधड़ी के आरोप लगे थे, जिसके बाद से दोनों 7 दिसंबर में जेल की हवा खा रहे थे। वहीं, हाल ही में इस दंपत्ति को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दे दी है।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने सुनवाई के दौरान दोनों को तुरंत रिहा करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट को कहा कि वे तय शर्तों के साथ औपचारिक बेल ऑर्डर जारी करें।
साथ ही अदालत ने शिकायतकर्ता अजय मुर्डिया और राजस्थान सरकार को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई में उपस्थित रहने को कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी।

पहले हाईकोर्ट ने खारिज की थी जमानत
इससे पहले 31 जनवरी को राजस्थान हाईकोर्ट ने विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट का कहना था कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इस स्तर पर जमानत देना उचित नहीं है। शिकायत दर्ज होने के बाद 7 दिसंबर को दोनों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्हें मुंबई से उदयपुर लाया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
क्या हैं आरोप?
उदयपुर के कारोबारी अजय मुर्डिया ने आरोप लगाया है कि विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी ने फिल्म निर्माण में निवेश के नाम पर उनसे करीब 30 करोड़ रुपये लिए। शिकायत के मुताबिक, उन्हें ज्यादा मुनाफे का भरोसा दिलाया गया था। आरोप यह भी है कि फिल्म प्रोजेक्ट के नाम पर लिए गए पैसों का सही उपयोग नहीं किया गया। साथ ही अलग-अलग नामों से कथित फर्जी बिल लगाकर अतिरिक्त रकम ली गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि निवेश की रकम का कुछ हिस्सा निजी खातों में ट्रांसफर किया गया।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद दोनों को राहत मिली है, लेकिन मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। आने वाली सुनवाई में कोर्ट आगे की दिशा तय करेगा।