Edited By suman prajapati, Updated: 04 Feb, 2026 01:27 PM

फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के जुहू स्थित आवास पर 1 फरवरी 2026 को फायरिंग की घटना हुई थी, जिसके बाद मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। इस हमले को लेकर सुरक्षा एजेंसियां कोई भी चूक नहीं करना चाहतीं। बताया जा रहा है कि यह वारदात...
मुंबई. फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के जुहू स्थित आवास पर 1 फरवरी 2026 को फायरिंग की घटना हुई थी, जिसके बाद मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। इस हमले को लेकर सुरक्षा एजेंसियां कोई भी चूक नहीं करना चाहतीं। बताया जा रहा है कि यह वारदात बिश्नोई गैंग से जुड़ी हो सकती है, जिसके बाद से रोहित शेट्टी की सुरक्षा को कड़ा कर दिया गया है।
पहले जहां उनके घर पर केवल दो पुलिसकर्मी तैनात थे, अब वहां अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। न सिर्फ घर के बाहर बल्कि आसपास के इलाके में भी निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में मुख्य शूटर की पहचान कर ली गई है और उसे पकड़ने के लिए कई टीमें अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही हैं। जांच के तहत अब तक एक दर्जन से ज्यादा लोगों के बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं।
क्राइम ब्रांच की शुरुआती जांच में एक अहम खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, फायरिंग के दौरान शूटर ने अल्ट्रा-मॉडर्न कंट्री मेड हथियार का इस्तेमाल किया था। इस हथियार से 7.62 एमएम की कुल पांच गोलियां चलाई गईं। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ये गोलियां 7.62×51 एमएम थीं या 7.62×39 एमएम, क्योंकि इस कैलिबर की गोलियां आमतौर पर राइफल और मशीनगन में इस्तेमाल की जाती हैं। ये बुलेट्स अपनी तेज रफ्तार और गहराई तक असर करने की क्षमता के लिए जानी जाती हैं, जिस वजह से जांच एजेंसियां इस पहलू को बेहद गंभीरता से देख रही हैं।
भागने के रास्ते को लेकर भी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच में पता चला है कि फायरिंग के बाद शूटर स्कूटी से कुछ दूरी तक फरार हुआ। इसके बाद उसने एक ऑटो चालक से कल्याण तक छोड़ने के लिए कहा, लेकिन उस ऑटो चालक ने मना कर दिया। इसके बाद शूटर ने दूसरे ऑटो की मदद ली, जिसने उसे विले पार्ले रेलवे स्टेशन के पास उतार दिया। उस समय लोकल ट्रेनें बंद थीं, इसलिए शूटर ने प्राइवेट ट्रांसपोर्ट के जरिए मुंबई से बाहर निकलने की कोशिश की।
पुलिस ने दोनों ऑटो चालकों के बयान दर्ज कर लिए हैं और सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य तकनीकी सबूतों की भी गहन जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले को संगठित अपराध से जोड़कर देख रही हैं और जल्द ही इस केस में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।