Edited By suman prajapati, Updated: 10 Feb, 2026 05:13 PM

बॉलीवुड एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया की खूबसूरती का कोई जवाब नहीं हैं। वह अपनी ब्यूटी से हमेशा फैंस का दिल जीतती हैं। वहीं, हाल ही में इस खबसूरत हसीना को कर्नाटक सरकार की कंपनी सोप्स एंड डिटर्जेंट्स लिमिटेड (KSDL) ने ‘मैसूर सैंडल सोप’ की ब्रांड एंबेसडर...
मुंबई. बॉलीवुड एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया की खूबसूरती का कोई जवाब नहीं हैं। वह अपनी ब्यूटी से हमेशा फैंस का दिल जीतती हैं। वहीं, हाल ही में इस खबसूरत हसीना को कर्नाटक सरकार की कंपनी सोप्स एंड डिटर्जेंट्स लिमिटेड (KSDL) ने ‘मैसूर सैंडल सोप’ की ब्रांड एंबेसडर बनाया है, लेकिन उनके इस ब्यूटी सोप की ब्रांड एम्बैसिडर बनते ही वो विवादों में घिर गई हैं। लोग आपत्ति जताते हुए सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।
दरअसल, ‘मैसूर सैंडल सोप’ सिर्फ साबुन नहीं बल्कि कर्नाटक के लोगों की भावनाओं से जुड़ा हुआ एक प्रोडक्ट है। यह 1916 में मैसूर के राजा ने शुरू किया था, जिसके बाद यह साबुन कर्नाटक की संस्कृति और विरासत का एक हिस्सा बन गया, लेकिन इसका ब्रांड एंबेसडर किसी कन्नड़ एक्ट्रेस या एक्टर या को न बनाकर तमन्ना भाटिया को बनाया, जिससे वहां के स्थानीय लोग में रोष है और वे विरोध कर रहे हैं।
कर्नाटक के लोगों का कहना है कि तमन्ना की विरासत और संस्कृति का प्रतीक माने जाने वाले इस साबुन का ब्रांड एंबेसडर एक्ट्रेस को नहीं बनाना चाहिए, क्योंकि वे इस कल्चर का भाग नहीं है और ना ही वे कन्नड़ बोलती हैं। प्रो-कन्नड़ संगठनों ने बेंगलुरु में विरोध प्रदर्शन करते हुए नारे लगाए और मांग की कि तमन्ना को हटाया जाए। वे पूछ रहे हैं, “हमारे कन्नड़ कलाकारों में क्या कमी है?”
मंत्री ने किया बचाव
वहीं, इस विवाद के बीच कर्नाटक के उद्योग मंत्री एम.बी. पाटिल ने विरोध पर सफाई दी है और कहा कि ब्रांड एंबैसडर चुनते समय कई बातें देखी जाती हैं, जैसे सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता, ब्रांड से मैच और मार्केटिंग की क्षमता। उन्होंने बताया कि साबुन की बिक्री कर्नाटक में सिर्फ 18% ही होती हैं। साबुन की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए किसी बड़े नाम की जरूर थी। मंत्री ने मजाक में कहा कि आगे चलकर हॉलीवुड स्टार भी चुन सकते हैं।
बता दें, कर्नाटक सरकार ने तमन्ना के साथ दो साल का कॉन्ट्रैक्ट किया है, जिसमें उन्हें 6.20 करोड़ रुपये मिलेंगे। यह डील न सिर्फ मैसूर सैंडल सोप के लिए है, बल्कि कंपनी के अन्य प्रोडक्ट्स के लिए भी। सरकार का कहना है कि तमन्ना की पूरे भारत में पहचान है। इससे ब्रांड को बाहर के राज्यों में अच्छी बिक्री मिलेगी। कंपनी का लक्ष्य है कि 2030 तक उसकी कमाई में इजाफा हो जाए।