Edited By suman prajapati, Updated: 31 Aug, 2025 12:38 PM

वृंदावन के प्रेमानंद महाराज के देश-दुनिया में लाखों श्रद्धालू हैं, जो उनके पास अपने दुखों के निवारण और मन को शांत करने के लिए जाते हैं। सिर्फ आम लोग ही नहीं, कई बड़े सेलिब्रेटीज को भी उनकी शरण में जाते देखा गया है। अब तक विराट कोहली, अनुष्का शर्मा,...
मुंबई. वृंदावन के प्रेमानंद महाराज के देश-दुनिया में लाखों श्रद्धालू हैं, जो उनके पास अपने दुखों के निवारण और मन को शांत करने के लिए जाते हैं। सिर्फ आम लोग ही नहीं, कई बड़े सेलिब्रेटीज को भी उनकी शरण में जाते देखा गया है। अब तक विराट कोहली, अनुष्का शर्मा, हेमा मालिनी, आशुतोष राणा, बी प्राक, रवि किशन, मीका सिंह, बिग बॉस कंटेस्टेंट तान्या मित्तल, शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा जैसे स्टार्स प्रेमानंद महाराज से मिलने वृंदावन जा चुके हैं। इसी कड़ी में हाल ही में मशहूर रैपर बादशाह भी प्रेमानंद महाराज की शरण में पहुंचे, जहां उन्होंने कई सवालों के जवाब लेकर अपने मन को शांत किया।
प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे बादशाह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है जिसमें रैपर बादशाह अपने भाई के साथ महाराज की शरण में नजर आ रहे हैं। इस दौरान उन्होंने पूछा कि हम भाई पहले सोचते थे कि लोगों की मदद करना, सच बोलना ही हमारे जीवन का मकसद है, लेकिन जब सच बोलते हैं तो रिश्ते नाते दूर हो जाते हैं। प्यार दूर हो जाता है। सत्य की चाह तो उतनी ही है, लेकिन सत्य बोलते ही सब हट जाता है ऐसा जैसे किसी ने श्राप दे दिया हो। ऐसे में ना हम कर्म कर पा रहे है और ना ही काम कर पा रहे हैं। ऐसे में क्या करना चाहिए ?
इसपर प्रेमानंद महाराज ने कहा कि दिल अगर मजबूत हो तो सत्य का साथ केवल भगवान देते हैं। संसार असत्य में लगा हुआ है इसलिए सत्य में चलोगे तो तुम्हारा साथ देने वाला कोई नहीं मिलेगा, लेकिन वो जब तुम्हारा पक्ष लेगा तब उसके पक्ष लेने मात्र से सब पक्षपाती बन जाएंगे, लेकिन हां सत्य बोलने पर आपको कटुता मिलेगा, लेकिन जब परमात्मा खुश हो जाएगा तब सब आपको नमन करेंगे। प्रेमानंद महाराज आगे कहते है कि सत्य को आदर दिया जा रहा है वरना लोग यहां क्यों आते हैं। संत महात्मा सब सत्य के प्रतीक ही तो हैं। अब आप यहां आए सत्य बात सुनने के लिए ही आए तो इस बात को मान लीजिए कि सत्य कभी असत्य नहीं हो सकता और असत्य कभी सत्य नहीं हो सकता।
इस दौरान बादशाह प्रेमानंद महाराज के आगे एक दम शांत हाथ जोड़कर बैठे नजर आए। उन्होंने बड़े ही ध्यान से प्रेमानंद महाराज की बातें सुनी और उनमें खोए नजर आए।