Edited By suman prajapati, Updated: 01 Jan, 2026 12:26 PM

सुपरस्टार शाहरुख खान हाल ही में अपने एक फैसले के कारण विवादों में घिर गए हैं। उन्होंने अपनी IPL टीम के लिए बांग्लादेशी खिलाड़ी को चुना है, जिसके बाद उन्हें काफी ट्रोल किया जा रहा हैं। इस बीच शाहरुख खान के खरीदे गए एक खिलाड़ी को लेकर आध्यात्मिक नेता...
मुंबई. सुपरस्टार शाहरुख खान हाल ही में अपने एक फैसले के कारण विवादों में घिर गए हैं। उन्होंने अपनी IPL टीम के लिए बांग्लादेशी खिलाड़ी को चुना है, जिसके बाद उन्हें काफी ट्रोल किया जा रहा हैं। इस बीच शाहरुख खान के खरीदे गए एक खिलाड़ी को लेकर आध्यात्मिक नेता देवकीनंदन ठाकुर ने भी नाराजगी जताई है।
दरअसल, शाहरुख खान की कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा है। जबकि हाल ही में पड़ोसी देश में हिंदू शख्स की हुई बेरहमी से हत्या के कारण लोग गुस्से में हैं। ऐसे में देवकीनंदन ठाकुर ने KKR की इस खरीदारी पर आपत्ति जताते हुए शाहरुख और उनकी टीम मैनेजमेंट को चेतावनी दी है।
देवकीनंदन ठाकुर का बयान
हाल ही में मुंबई में समर्थकों से बातचीत में ठाकुर ने कहा- 'हमने पहले ही कहा था कि कोई बांग्लादेशी क्रिकेटर IPL में नहीं आए। हमें पता चला कि एक बांग्लादेशी खिलाड़ी को IPL में शामिल किया गया है और आपको पता है उसे किसने खरीदा? वह मुंबई में रहता है और एक टीम का मालिक है। हमने सुना है कि उसका पाकिस्तान के प्रति प्रेम है और ऐसे लोगों के प्रति भी जो हिंदुओं को दुख पहुंचाते हैं।'
आगे ठाकुर ने चेतावनी देते हुए कहा- 'अगर आपको हिंदुओं और भारत से प्रेम है और हिंदुओं की मौत का दुख है, तो Mr. KKR को उस खिलाड़ी को अपनी टीम से बाहर करना चाहिए। अगर वह टीम में रहेगा, तो हमें मजबूर होना पड़ेगा टीम का बहिष्कार करने और खिलाड़ी को भारत से वापस बांग्लादेश भेजने के लिए।'

इतना ही नहीं, उन्होंने और कहा- 'यह पैसा किस काम आएगा? हिंदुओं को नुकसान पहुंच रहा है और यह पैसा किसने दिया, जो भारत में अपने आप को हीरो कहता है। अगर KKR ने उस खिलाड़ी को वापस नहीं किया, तो बड़ा खेला होगा। समय है संभलने का, समय है सुधारने का, वरना समय उलटी दिशा में बहने लगेगा।'
हालांकि, इस पूरे विवाद को लेकर अब तक शाहरुख खान और कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
बता दें, IPL 2026 का ऑक्शन 16 दिसंबर 2025 को हुआ था। इसके दो दिन बाद, 18 दिसंबर 2025 से बांग्लादेश में हालात और बिगड़ गए, जब दीपू चंद्र दास को बेरहमी से पीटकर उसकी हत्या कर दी गई और फिर उसे जिंदा जला दिया गया। इस घटना के बाद देशवासियों को खून और भी खौलने लगा था।