Edited By Smita Sharma, Updated: 04 Apr, 2025 09:41 AM

शुक्रवार सुबह खबर आई कि एक्टर और फिल्म निर्देशक मनोज कुमार अब हमारे बीच नहीं रहे। मनोज कुमार ने दुनिया को अलविदा कह दिया। वे 87 साल के थे। उन्होंने कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में अंतिम सांस ली। इस खबर के बाद पूरे देश में शोक की लहर है। मनोज...
मुबंई: शुक्रवार सुबह खबर आई कि एक्टर और फिल्म निर्देशक मनोज कुमार अब हमारे बीच नहीं रहे। मनोज कुमार ने दुनिया को अलविदा कह दिया। वे 87 साल के थे। उन्होंने कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में अंतिम सांस ली। इस खबर के बाद पूरे देश में शोक की लहर है। मनोज कुमार जैसा कोई नहीं था। वो दिग्गज हीरो जिसने हिंदी सिनेमा को कई रत्न दिए और हमेशा अपने सिद्धांतों पर अडिग रहे। मनोज ने पर्दे पर कई बेहतरीन किरदार निभाए। अपनी फिल्मों के जरिए मनोज कुमार ने लोगों में देशभक्ति की भावना जगाई और वो देशभक्ति वाली फिल्में बनाने वाले बॉलीवुड के पहले एक्टर बने।
मनोज कुमार के साहसी रवैये के कई किस्से हैं जिनमें से एक हम आपके लिए लेकर आए हैं। ये किस्सा मनोज कुमार और इंदिरा गांधी के बीच हुए विवाद का है जब इमरजेंसी की घोषणा के बाद दोनों आमने-सामने खड़े थे।

शुरुआती दौर में मनोज कुमार और प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बीच सबकुछ ठीक चल रहा था लेकिन जैसे ही आपातकाल की घोषणा हुई दोनों के बीच काफी कुछ बदल गया। मनोज कुमार ने आपातकाल का खुलकर विरोध किया। कहा जाता है कि आपातकाल का विरोध करने वाले फिल्मी स्टार्स पर इतना बैन लगाया गया था कि उनकी फिल्म भी रिलीज होते ही बैन कर दी गई।

मनोज कुमार की फिल्म पर लगा बैन
मनोज कुमार की फिल्म 'दस नंबरी' के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ। इसे सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने बैन कर दिया और इसके बाद रिलीज हुई फिल्म 'शोर' का भी कुछ ऐसा ही हश्र हुआ। 'शोर' के निर्देशक और मेकर दोनों ही मनोज थे।फिल्म के रिलीज होने से पहले ही इसे दूरदर्शन पर दिखाया गया जिसकी वजह से फिल्म सिनेमाघरों में कमाई नहीं कर पाई और इसे भारी नुकसान का सामना करना पड़ा।

सरकार के खिलाफ जीते केस
ऐसे में मनोज कुमार के पास कोई चारा नहीं बचा और उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने कई हफ्तों तक कोर्ट के चक्कर लगाए लेकिन इससे उन्हें फायदा हुआ और फैसला उनके पक्ष में आया। इसकी वजह से वह एकमात्र ऐसे फिल्ममेकर हैं जिन्होंने भारत सरकार के खिलाफ केस जीता है।

ठुकरा दिया सरकार का ऑफर
इस केस के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने उन्हें 'आपातकाल' पर फिल्म बनाने का ऑफर दिया लेकिन मनोज ने इसे ठुकरा दिया और साफ मना कर दिया। इस फिल्म की स्क्रिप्ट अमृता प्रीतम लिख रही थीं और यह एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म होने वाली थी। जब मनोज को इस बारे में पता चला तो उन्होंने अमृता प्रीतम को खूब डांटा और यह फिल्म नहीं बन पाई।