1981 में रेड कुछ इस तरह पड़ी थी , जानिए कहानी के असली किरदारों के बारे में

Edited By Neha, Updated: 27 Jun, 2018 04:06 PM

something like this happened in 1981 raid

बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन की फिल्म ''रेड'' एक सच्ची घटना पर आधारित थी। फिल्म में अजय इनकम टैक्स ऑफिसर के किरदार में थे। फिल्म में दिखाई गई छापामारी 1981 में यूपी (कानपुर) में घटी घटना पर आधारित थी।

मुंबई: बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन की फिल्म रेड फिल्म ( Raid Film) एक सच्ची घटना पर आधारित थी। फिल्म में अजय देवगन ( Ajay Devgan)इनकम टैक्स ऑफिसर के किरदार में थे। फिल्म में दिखाई गई छापामारी 1981 में यूपी (कानपुर) में घटी घटना पर आधारित थी। फिल्म में दो अलग-अलग साल में दो अलग-अलग जगहों पर घटी घटना को मिलाकर दिखाया गया है। फिल्म में एक लंबी रेड दिखाई गई है, जिसके दौरान हिंसा होती है। आज हम आपको इस पैकेज में फिल्म 'रेड' जिस सच्ची घटना पर बनी है, उसके बारे में बताने जा रहे हैं।

रेड फिल्म के सच्ची घटना 

PunjabKesari

बिजनेसमैन इंदर सिंह के घर डाली गई रेड

16 जुलाई, 1981 को यूपी (कानपुर) के बिजनेसमैन और विधायक इंदर सिंह के घर पर रेड डाली गई थी। 

PunjabKesari

रेड मिशन के रियल हीरो

रेड घटना के रियल हीरो लखनऊ के इनकम टैक्स कमिश्नर शारदा प्रसाद पांडे हैं। उन्होंने इस पूरे मिशन को अंजाम दिया। बाॅलीवुड फिल्म 'रेड' इन्हीं की रियल लाइफ पर आधारित है। 

PunjabKesari

रेड सावधानीपूर्वक योजना बनाई गई

आयकर विभाग ने छापेमारी की योजना को ध्यान से व्यवस्थित किया था। इस प्लान में केवल अधिकारी ही शामिल नहीं थे, बल्कि डिवीजन क्लर्कों को भी मदद ली गई थी। सुबह 10 बजे के करीब अफसरों को सीलबंद लिफाफे मिले। रेड कहां और किसके घर पड़ऩी है, यह ब्योरा दिया गया था। इसके साथ ही 200 पुलिसकर्मियों को बुलाया गया। हर घर और बैंक लॉकर्स की एकदम गहरी से जांच की जा रही थी। जैसे ही रेड पड़ी, हर जगह आयकर अफसरों को घेर लिया गया।

PunjabKesari
पहले दिन बरामद किए गए 1 करोड़ रुपए
 

जब पहले दिन की छापामारी खत्म हुई थी तब तक 1 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि बरामद हो चुकी थी। ये कुल रकम नकद, सोने के बिस्कुट और गहनों को मिलाकर थी। ये छापेमारी इंद्र सिंह के स्वरूप नगर वाले घर और उनके अन्य घरों पर भी एक साथ की गई थी और साथ ही दिल्ली और मसूरी के कुछ बैंकों में इंदर सिंह के अलग-अलग नामों से खोले गए खाते और लोकर भी सील किए गए थे। 

PunjabKesari

रेड 45 लोगों ने गिने नोट


रेड की कारवाई करीब एक महीने तक चली थी। इस रेड के तहत जो पैसे बरामद हुए थे उसे गिनने के लिए एक अलग रूम में 45 लोगों को काम पर लगाया गया था। उस वक्त पैसे गिनने में तकरीबन 18 घंटे लगे थे। 
PunjabKesari

रेड के दौरान घटी घटना
 

कारोबारियों के घरों में टीमों का जबरदस्त विरोध हुआ। मारपीट में कई अफसर घायल हो गए। छाबड़ा की मेरठ रोड स्थित समीर इस्पात फैक्ट्री में घुसी आयकर टीम पर कर्मचारियों ने धावा बोल दिया। टीम की सुरक्षा में लगाए गए पुलिसकर्मी भी कुछ नहीं कर पाए। हंगामे और विरोध में आयकर अफसरों के कपड़े भी फट गए। हाथ-पैरों में गंभीर चोटें आईं। एटीओ आरएस चड्ढा सहित सभी घायलों को मेरठ मेडिकल में भर्ती कराया गया था। 


 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!