Edited By suman prajapati, Updated: 24 Feb, 2026 05:02 PM

एक्टर रणवीर सिंह ने हाल ही में फिल्म 'कांतारा' में दैव वाले सीन वाले विवाद को लेकर कर्नाटक हाई कोर्ट का दरवाजा खटखखटाया था और अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की है। वहीं, इस मामले में एक्टर को बड़ी राहत मिलती नजर आ रही है। साथ ही उन्हें...
मुंबई. एक्टर रणवीर सिंह ने हाल ही में फिल्म 'कांतारा' में दैव वाले सीन वाले विवाद को लेकर कर्नाटक हाई कोर्ट का दरवाजा खटखखटाया था और अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की है। वहीं, इस मामले में एक्टर को बड़ी राहत मिलती नजर आ रही है। साथ ही उन्हें कोर्ट ने कड़ी फटकार भी लगाई कि एक्टर होने के नाते उन्हें अपनी बात और व्यवहार को लेकर जिम्मेदार रहना चाहिए।
जस्टिस एम नागप्रसन्ना की बेंच ने रणवीर सिंह के खिलाफ किसी भी तरह की जबरदस्ती कार्रवाई पर अगली सुनवाई 2 मार्च तक रोक लगा दी है। ऐसे में पुलिस उनके खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठा सकेगी।

सुनवाई के दौरान जज ने कहा कि एक एक्टर को किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का अधिकार नहीं है। चाहे आप बड़े स्टार हों या कोई और, सार्वजनिक जिम्मेदारी सब पर समान रूप से लागू होती है।
उन्होंने रणवीर को लापरवाह बताते हुए कहा कि इंटरनेट पर कही गई बात कभी पूरी तरह मिटती नहीं है। शब्द वापस लिए जा सकते हैं, लेकिन डिजिटल दुनिया में डाला गया कंटेंट हमेशा मौजूद रहता है। इसलिए सार्वजनिक मंच पर बोलते समय बहुत सोच-समझकर बोलना चाहिए। हालांकि, मामला जानबूझकर किया गया है या नहीं, ये आगे की सुनवाई में तय होगा।
सुनवाई के दौरान रणवीर सिंह के वकील साजन पूवैय्या ने दलील दी कि एक्टर का इरादा किसी की भावनाएं आहत करने का नहीं था। लापरवाही और जानबूझकर अपराध करने में फर्क होता है। ये मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की उन धाराओं के तहत दर्ज किया गया है, जो धार्मिक भावनाएं आहत करने और नफरत फैलाने से जुड़ी हैं।
क्या था विवाद?
दरअसल, बीते साल 28 नवंबर 2025 को गोवा में हुए 56वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) के क्लोजिंग सेरेमनी के दौरान रणवीर सिंह ने कांतारा दैव्य सीन की नकल उतारी थी और यहीं से वो विवादों में घिर गए थे। इस मामले को लेकर जनवरी 2026 में एक्टर के खिलाफ बेंगलुरु के हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में हिंदू धार्मिक भावनाओं और कर्नाटक की चावुंडी दैव परंपरा का अपमान करने के आरोप में FIR दर्ज हुई थी। रणवीर के खिलाफ ये मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 299 और 302 के तहत दर्ज किया गया था। इस मामले को लेकर रणवीर सिंह ने माफी मांगी थी, लेकिन इसके बावजदू भी वो कानूनी मुश्किलों से बच नहीं पाए।