रामलीला से निकाली गईं पूनम पांडे: अब नहीं बनेंगी 'मंदोदरी',देशभर में हो रहे विरोध के बाद बदला फैसला

Edited By Smita Sharma, Updated: 24 Sep, 2025 10:32 AM

poonam pandey removed from playing mandodari in luv kush ramlila committee event

दिल्ली में हो रही लव कुश रामलीला में एक्ट्रेस पूनम पांडे को मंदोदरी की भूमिका दी गई थी। जब से मंदोदरी की भूमिका के लिए पूनम पांडे का नाम सामने आया था तब से ही संत समाज इसका विरोध कर रहा था। वहीं अब पूरे देश से हो रहे विरोध के चलते लव कुश रामलीला...

मुंबई:दिल्ली में हो रही लव कुश रामलीला में एक्ट्रेस पूनम पांडे को मंदोदरी की भूमिका दी गई थी। जब से मंदोदरी की भूमिका के लिए पूनम पांडे का नाम सामने आया था तब से ही संत समाज इसका विरोध कर रहा था। वहीं अब पूरे देश से हो रहे विरोध के चलते लव कुश रामलीला समिति ने फैसला लिया पूनम पांडे अब यह रोल नहीं निभाएंगी। यह किरदार अब कोई दूसरा कलाकार निभाएगा।

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लव कुश रामलीला समिति ने मंगलवार को एक बयान जारी करते हुए इस बात की जानकारी दी कि पूनम पांडे को रामलीला से हटा दिया है।उन्होंने एक पत्र जारी करते हुए बताया कि समाज के विभिन्न वर्गों से आई आपत्तियों के बाद यह निर्णय लिया गया है।

 

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समिति के अध्यक्ष अर्जुन कुमार और महासचिव सुभाष गोयल ने बताया कि पूनम पांडे ने समिति के आमंत्रण पर मंदोदरी की भूमिका निभाने की सहमति दी थी लेकिन उनके नाम की घोषणा के बाद अनेक संस्थानों और वर्गों से आपत्तियां सामने आईं जिससे रामलीला के उद्देश्य- प्रभु श्रीराम का संदेश समाज तक पहुंचाना में बाधा उत्पन्न हो रही थी। ऐसे में गहन विचार-विमर्श के बाद समिति ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया है कि इस साल मंदोदरी की भूमिका किसी अन्य कलाकार से करवाई जाएगी। समिति ने पूनम पांडे के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वह इस निर्णय को समझेंगी।


इससे पहले मंगलवार को इंदौर में महामंडलेश्वर कंप्यूटर बाबा ने भी कड़ा बयान देते हुए कहा कि पूनम पांडे इस भूमिका के योग्य नहीं हैं। कंप्यूटर बाबा ने मीडिया से बात करते हुए कहा- "पूनम पांडे मंदोदरी के लायक नहीं हैं वह तो शूर्पणखा के किरदार के लिए उपयुक्त लगती हैं।"

उन्होंने तंज कसते हुए आगे कहा-"रामलीला में अलग-अलग पात्र होते हैं, तो किसी को राम, सीता या रावण का किरदार उसकी छवि और व्यक्तित्व को देखकर दिया जाता है। ऐसे में यदि पात्रों का चयन उनकी छवि के विपरीत किया जाएगा तो धार्मिक भावनाएं आहत होंगी।"

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