Edited By suman prajapati, Updated: 12 Feb, 2026 05:36 PM

एक्टर मनोज बाजपेयी स्टारर फिल्म 'घूसखोर पंडित' रिलीज से पहले ही विवादों का सामना कर रही है। पिछले दिनों फिल्म के टाइटल में ‘पंडित’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई थी और इस पर ब्राह्मण समुदाय की भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया था। वहीं,...
मुंबई. एक्टर मनोज बाजपेयी स्टारर फिल्म 'घूसखोर पंडित' रिलीज से पहले ही विवादों का सामना कर रही है। पिछले दिनों फिल्म के टाइटल में ‘पंडित’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई थी और इस पर ब्राह्मण समुदाय की भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया था। वहीं, अब गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म के टाइटल को लेकर कड़ी नाराजगी जताई और नेटफ्लिक्स और फिल्ममेकर नीरज पांडे से जवाब मांगा। कोर्ट ने कहा कि किसी समाज के एक वर्ग को इस तरह के नाम से क्यों बदनाम किया जा रहा है?
सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार
सुनवाई के दौरान जस्टिस बी.वी. नागरत्ना की बेंच ने 'घूसखोर पंडित' के निर्माता को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा-किसी भी वर्ग को अपमानित करना गलत है। समाज में पहले ही इतनी दरार है। आप इसे बढ़ावा मत दीजिए।
इसके साथ ही कोर्ट ने नोटिस जारी कर कहा- आपने नाम बदलने की बात कही है, हमें बताइए कि नाम क्या रखने जा रहे हैं? यह भी बताइए कि आपकी फिल्म में किसी वर्ग के बारे में कोई आपत्तिजनक बात है या नहीं?
इस मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी। अगली सुनवाई में यह तय होगा कि फिल्म का नाम बदला जाएगा या नहीं और क्या फिल्म की रिलीज पर कोई रोक लगेगी।
ब्राह्मण समाज ऑफ इंडिया नाम की संस्था के सचिव अतुल मिश्रा की तरफ से दाखिल याचिका में फिल्म को लेकर आपत्ति जताई गई थी। फिल्म के निर्माता नीरज पांडे की तरफ से पेश वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि दिल्ली हाई कोर्ट ने भी इस मामले को लेकर कुछ याचिकाओं की सुनवाई की थी। निर्माता फिल्म का नाम बदलने को तैयार है। यह जानकारी मिलने के बाद हाई कोर्ट ने सुनवाई बंद कर दी थी।
हालांकि, मेकर्स की इस दलील से जस्टिस बी वी नागरत्ना और उज्जवल भुइयां की बेंच संतुष्ट नहीं हुई। उन्होंने कहा- "पहले हमें यह बताइए कि आप नाम बदलकर क्या रखने वाले हैं? इसके बाद हम अनुमति देंगे।
बता दें, याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया था कि 'घूसखोर पंडित' टाइटल हिंदू पुजारियों और एक खास समुदाय की इमेज को नुकसान पहुंचाता है और यह सामाजिक और सांप्रदायिक रूप से भड़काऊ हो सकता है। इसके साथ ही याचिका में फिल्म की रिलीज और ऑनलाइन स्ट्रीमिंग पर बैन की मांग की गई थी।