एक व्यक्ति, तीन भूमिकाएं, एक दृष्टि: ऋषभ शेट्टी

Edited By Jyotsna Rawat, Updated: 12 Jan, 2026 01:36 PM

from roots to the global stage rishab shetty s creative journey

ऐसे दौर में, जहां रचनात्मक करियर अक्सर विशेषज्ञता तक सीमित हो जाते हैं, ऋषभ शेट्टी उन गिने-चुने समकालीन फ़िल्मकारों में से हैं जो अभिनेता, लेखक और निर्देशक—तीनों भूमिकाओं को समान आत्मविश्वास और प्रतिबद्धता के साथ निभाते हैं।

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। ऐसे दौर में, जहां रचनात्मक करियर अक्सर विशेषज्ञता तक सीमित हो जाते हैं, ऋषभ शेट्टी उन गिने-चुने समकालीन फ़िल्मकारों में से हैं जो अभिनेता, लेखक और निर्देशक—तीनों भूमिकाओं को समान आत्मविश्वास और प्रतिबद्धता के साथ निभाते हैं। भारतीय सिनेमा ने राज कपूर और गुरु दत्त जैसे महान नाम देखे हैं, जिन्होंने अपनी ही फ़िल्मों में लेखन, निर्देशन और अभिनय करते हुए कालजयी कृतियां रचीं। उनके बाद बहुत कम कलाकार इस कठिन रचनात्मक संतुलन को उसी स्तर और प्रभाव के साथ साध पाए हैं। ऋषभ शेट्टी उन दुर्लभ अपवादों में शामिल हैं।

ऋषभ शेट्टी को वास्तव में अलग बनाता है सिर्फ़ उनकी बहुमुखी प्रतिभा नहीं, बल्कि उनकी कहानी कहने की प्रामाणिकता है। उनकी कहानियाँ सांस्कृतिक जड़ों, जिए हुए अनुभवों और गहरे भावनात्मक बोध से जन्म लेती हैं, जिससे वे उन पात्रों को स्वयं निभाते हैं जिन्हें उन्होंने शुरुआत से कल्पित और गढ़ा होता है। यह संपूर्ण रचनात्मक नियंत्रण ऐसी परफ़ॉर्मेंस में बदलता है जो सहज, डूब जाने वाली और विभिन्न क्षेत्रों व भाषाओं के दर्शकों के साथ गहराई से जुड़ने वाली होती है।

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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कांतारा का फ़िनॉमेनन उनके सफ़र का एक निर्णायक पड़ाव बनकर उभरा। यह फ़िल्म सिर्फ़ बॉक्स ऑफ़िस की सफलता नहीं थी, बल्कि एक सांस्कृतिक आंदोलन थी, जिसने स्वदेशी कहानी-कथन, लोककथाओं और आध्यात्मिक चेतना को मुख्यधारा सिनेमा के केंद्र में ला दिया। कांतारा ने वैश्विक स्तर पर दर्शकों से जुड़ाव बनाया और यह साबित किया कि जड़ों से जुड़ी कहानियाँ भी सार्वभौमिक अपील हासिल कर सकती हैं। इसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए, कांतारा चैप्टर 1 ने सिनेमैटिक यूनिवर्स को और विस्तार दिया, जिससे फ्रैंचाइज़ी का पैमाना, दृष्टि और भावनात्मक गहराई और मज़बूत हुई।

कांतारा और कांतारा चैप्टर 1—दोनों ने मिलकर विश्वभर में 1300 करोड़ रुपये से अधिक का असाधारण वैश्विक बॉक्स ऑफ़िस कलेक्शन हासिल किया है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि ऋषभ शेट्टी को भारतीय सिनेमा का ऐसा एकमात्र अभिनेता-लेखक-निर्देशक बनाती है, जिसने इस रचनात्मक क्षमता में इतनी विशाल वैश्विक सफलता प्राप्त की हो।

ऋषभ शेट्टी का सफ़र दृष्टि, साहस और शिल्प के दुर्लभ संगम का प्रतिनिधित्व करता है। आज के सिनेमाई परिदृश्य में वे उन दिग्गजों द्वारा परिभाषित विरासत के आधुनिक ध्वजवाहक के रूप में खड़े हैं, और यह नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं कि एक संपूर्ण फ़िल्मकार होने का वास्तविक अर्थ क्या होता है।

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