Cheque Bounce Case: राजपाल यादव को नहीं मिली जमानत, कोर्ट ने 16 फरवरी तक टाली अगली सुनवाई

Edited By suman prajapati, Updated: 12 Feb, 2026 04:12 PM

delhi high court denied bail of rajpal yadav in cheque bounce case

बॉलीवुड के जाने-माने कॉमेडियन राजपाल यादव इन दिनों एक चेक बाउंस मामले को लेकर कानूनी पचड़े में फंसे हुए हैं। 12 फरवरी को दिल्ली हाईकोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई।  दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 16 फरवरी...

मुंबई. बॉलीवुड के जाने-माने कॉमेडियन राजपाल यादव इन दिनों एक चेक बाउंस मामले को लेकर कानूनी पचड़े में फंसे हुए हैं। 12 फरवरी को दिल्ली हाईकोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई।  दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 16 फरवरी (सोमवार) तक के लिए टाल दी है। अब इस याचिका पर आगे की बहस सोमवार को होगी।

अदालत ने मांगा जवाब

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने शिकायतकर्ता पक्ष को निर्देश दिया कि वह जमानत याचिका पर अपना विस्तृत जवाब दाखिल करे। अदालत ने टिप्पणी की कि फाइल देखने के दौरान कई ऐसे पहलू सामने आए जिनकी जानकारी पहले स्पष्ट रूप से नहीं थी। कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि आरोपी ने पूर्व में आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन वहां से उन्हें कोई राहत नहीं मिली।


लंबित मामले पर जताई नाराजगी

सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने राजपाल यादव के रुख पर सख्त टिप्पणी की। कोर्ट ने पूछा कि जब उन्होंने पहले ही यह स्वीकार किया था कि उन्होंने धनराशि उधार ली थी और उसे लौटाने का आश्वासन दिया था, तो अब सजा पर रोक लगाने की मांग किस आधार पर की जा रही है।

आगे कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा- आपको 25-30 मौके दिए गए, लेकिन वे अपने वादे पर खरे नहीं उतरे। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जेल जाने की स्थिति इसलिए बनी क्योंकि दिए गए आश्वासनों का पालन नहीं किया गया। अब आप इस केस को दोबारा खोलना चाहते हैं? आपको पैसे देने में देरी क्यों हुई, इसकी जानकारी देनी होगी। मुझे आपसे सहानुभूति हो सकती है लेकिन कानून तो कानून है।


  
क्या है पूरा मामला?
 

दरअसल, ये मामला 2012 में आई एक्टर की फिल्म 'अता पता लापता' से जुड़ा है। इस मूवी के लिए राजपाल ने 2010 में दिल्ली के एक बिजनेसमैन से 5 करोड़ का लोन लिया था। हालांकि, ये फिल्म फ्लॉप साबित हुई और राजपाल को भारी नुकसान हुआ। इसके बाद वो कर्ज चुका पाने में असमर्थ रहे। फिस 2018 में राजपाल और उनकी पत्नी के खिलाफ केस किया गया। 5 करोड़ का ये अमाउंट ब्याज के साथ 9 करोड़ हो गया। बार-बार कोर्ट का आदेश मिलने के बाद भी राजपाल यादव ने इस पर गौर नहीं किया और अंत में जब कोर्ट के अल्टीमेटम पर वो पैसा नहीं चुका पाए तो उन्हें खुद को सरेंडर करना पड़ा।  

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