Edited By Jyotsna Rawat, Updated: 21 Jan, 2026 05:16 PM

इस साल गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सिनेमा को एक ऐतिहासिक सम्मान मिलने जा रहा है।
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। इस साल गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सिनेमा को एक ऐतिहासिक सम्मान मिलने जा रहा है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड के लिए मशहूर फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली के सहयोग से इंडियन सिनेमा को समर्पित एक विशेष झांकी तैयार की है। यह पहली बार होगा जब कोई भारतीय फिल्म निर्देशक देश के सबसे बड़े राष्ट्रीय समारोह में सिनेमा का प्रतिनिधित्व करेगा।
यह पहल भारतीय सिनेमा की सांस्कृतिक विरासत, रचनात्मक उत्कृष्टता और वैश्विक प्रभाव को उजागर करती है। दशकों से भारतीय सिनेमा न सिर्फ देश के भीतर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की पहचान और संस्कृति का सशक्त प्रतिनिधि रहा है।
इस सहयोग को लेकर जुड़े एक सूत्र ने बताया, “यह पहली बार है जब भारतीय सिनेमा के सच्चे फ्लैग-बेयरर संजय लीला भंसाली गणतंत्र दिवस परेड में इंडियन सिनेमा का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है और इससे देशभर में एक सकारात्मक संदेश जाएगा। इस अवसर के लिए संजय लीला भंसाली से बेहतर प्रतिनिधि कोई नहीं हो सकता।”
संजय लीला भंसाली ने बीते वर्षों में अपनी विशिष्ट कहानी कहने की शैली, भव्य विज़ुअल ट्रीटमेंट और संगीत व भावनाओं के प्रभावशाली उपयोग के ज़रिए इंडियन सिनेमा में एक अलग पहचान बनाई है। हम दिल दे चुके सनम और देवदास से लेकर ब्लैक, बाजीराव मस्तानी, पद्मावत और गंगूबाई काठियावाड़ी तक, उनकी फिल्मों ने परंपरा, भव्यता और भावनात्मक गहराई को खूबसूरती से प्रस्तुत किया है।
भंसाली की फिल्मों ने अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों में भी खास जगह बनाई है और वैश्विक दर्शकों के दिल जीते हैं। यही वजह है कि वे भारतीय सिनेमा की गरिमा, मेहनत और भावनात्मक ताकत का सशक्त प्रतीक माने जाते हैं।