‘धुरंधर 2’ के शूटिंग सेट पर लापरवाही! सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर AICWA ने अपनाया कड़ा रुख

Edited By suman prajapati, Updated: 18 Feb, 2026 12:49 PM

aicwa takes a tough stand over negligence on the shooting set of  dhurandhar 2

मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री एक बार फिर सुरक्षा मानकों को लेकर सवालों के घेरे में है। फिल्म ‘धुरंधर 2’ की शूटिंग के दौरान कथित लापरवाही का मामला सामने आने के बाद कामकाजी माहौल और सेट्स पर सेफ्टी प्रोटोकॉल को लेकर गंभीर बहस छिड़ गई है। इस पूरे घटनाक्रम...

एंटरटेनमेंट डेस्क. मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री एक बार फिर सुरक्षा मानकों को लेकर सवालों के घेरे में है। फिल्म ‘धुरंधर 2’ की शूटिंग के दौरान कथित लापरवाही का मामला सामने आने के बाद कामकाजी माहौल और सेट्स पर सेफ्टी प्रोटोकॉल को लेकर गंभीर बहस छिड़ गई है। इस पूरे घटनाक्रम पर ऑल इंडियन सीने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कहा है कि किसी भी परिस्थिति में कामगारों की जान जोखिम में नहीं डाली जा सकती।

 

एसोसिएशन ने निर्देशक आदित्य धर और उनकी प्रोडक्शन कंपनी B62 स्टूडियोज के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का समर्थन किया है। साथ ही, बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) द्वारा उठाए गए कदमों को सही दिशा में लिया गया निर्णय बताया है। जानकारी के अनुसार, ‘धुरंधर 2’ की शूटिंग के दौरान कई सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई।

AICWA के अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले टेक्नीशियन, मजदूर और वर्कर्स ही इसकी रीढ़ हैं। उनकी सुरक्षा, सम्मान और जिंदगी से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। कोई भी प्रोडक्शन हाउस कानून से ऊपर नहीं है, चाहे वह कितना ही बड़ा क्यों न हो।

नियमों के उल्लंघन के आरोप

रिपोर्ट्स के मुताबिक, शूटिंग के दौरान हाई-सिक्योरिटी क्षेत्र में जलती मशालों का इस्तेमाल किया गया। कुछ लोकेशनों में बिना आवश्यक अनुमति के बदलाव किए गए। इसके अलावा गैस सिलेंडर और जेनरेटर वैन का उपयोग भी तय दिशा-निर्देशों के विपरीत बताया गया है। ऐसे कदमों से न केवल सेट पर मौजूद कलाकारों और तकनीकी टीम की सुरक्षा खतरे में पड़ती है, बल्कि आसपास के क्षेत्र के लिए भी जोखिम पैदा हो सकता है।

एसोसिएशन ने की निगरानी की मांग 

AICWA ने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले कई सालों से शूटिंग सेट्स पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी की शिकायतें आती रही हैं। गोरेगांव फिल्म सिटी और अन्य स्टूडियो में आग लगने, करंट लगने, ऊंचाई से गिरने जैसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। इन हादसों में कई वर्कर्स घायल हुए हैं और कुछ की जान भी जा चुकी है।

सख्त निगरानी की मांग

एसोसिएशन का कहना है कि उन्होंने पहले भी राज्य सरकार और BMC अधिकारियों से नियमित निगरानी और कड़े निरीक्षण की मांग की थी। उनका तर्क है कि यदि समय रहते सख्त कदम उठाए जाते, तो इस तरह की घटनाओं को दोहराने से रोका जा सकता था।
‘धुरंधर 2’ मामले में BMC द्वारा B62 स्टूडियोज को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश और जुर्माना लगाने के प्रस्ताव को AICWA ने सकारात्मक कदम बताया है। उनका मानना है कि इससे अन्य प्रोडक्शन हाउस के लिए एक स्पष्ट संदेश जाएगा कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।

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