'दुश्मन को भी वहां नहीं..मनी लॉन्ड्रिंग केस में जेल काट चुकीं संदीपा विर्क का छलका दर्द, कहा- मौत मांगने लगी थी

Edited By suman prajapati, Updated: 01 Mar, 2026 02:13 PM

sandeepa virk expressed her pain over her jail time in a money laundering case

. बॉलीवुड एक्ट्रेस संदीपा विर्क हाल ही में जमानत पर रिहा हुई हैं। उन्हें प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया था और करीब चार महीने तक तिहाड़ जेल में रहना पड़ा। जमानत मिलने के बाद अब उन्होंने पहली बार इस...

मुंबई. बॉलीवुड एक्ट्रेस संदीपा विर्क हाल ही में जमानत पर रिहा हुई हैं। उन्हें प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया था और करीब चार महीने तक तिहाड़ जेल में रहना पड़ा। जमानत मिलने के बाद अब उन्होंने पहली बार इस मामले में खुलकर बात की और अपने अपने जेल के एक्सपीरियंस को शेयर किया।
 

हाल ही में एक इंटरव्यू में संदीपा विर्क ने जेल में बिताए दिनों को याद किया और कहा, 'तिहाड़ एक ऐसी जगह है जहां मैं अपने सबसे बड़े दुश्मन को भी नहीं भेजना चाहूंगी। जब मैं पहली बार वहां गई, तो मैंने भगवान से कहा कि मैं इसके लायक नहीं हूं। पहले दिन, जब मैं वॉशरूम गई, तो मैंने सोचा लोग कहते हैं कि सब कर्म का फल है, शायद मैंने पिछले जन्म में कुछ गलतियां की हों, जानबूझकर या अनजाने में। मुझे लगा मैं इसके लायक नहीं हूं।'

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“मैं मौत की दुआ मांगने लगी थी”
संदीपा विर्क ने अपने सबसे दर्दनाक पल का भी जिक्र हुए कहा, 'मैं दुआ करती थी कि मौत आए और मुझे ले जाए। सबसे बुरा एहसास तब होता है जब आपकी वजह से माता-पिता को आपसे मिलने जेल आना पड़े। मैंने उनसे माफी भी मांगी कि उन्हें मेरी वजह से वहां आना पड़ा। मेरे माता-पिता और भाई-बहन मेरे साथ खड़े रहे क्योंकि आपके अपने लोग जानते हैं कि आप कौन हैं।'

 

जेल के हालात पर भी की बात

संदीपा ने जेल की परिस्थितियों को बेहद कठिन बताया। उन्होंने कहा- 'तिहाड़ के अंदर, सोचिए 500 लोगों के साथ रहना, यह घरेलू राजनीति जैसा है। मेरी सेहत बहुत खराब हो गई थी। तनाव के कारण मैं बिना सहारे के खड़ी भी नहीं हो सकती थी। आज भी जब मैं इसके बारे में सोचती हूं, तो रो पड़ती हूं, मेरे साथ ही ऐसा क्यों हुआ? 

उन्होंने बताया, वॉशरूम में बहुत गंदगी है। जमीन पर सोना पड़ता है। बैरक सुबह 6 बजे खुलते हैं, 12 बजे बंद होते हैं, फिर दोपहर 3 बजे खुलते हैं और शाम 6 बजे तक बंद हो जाते हैं। खाना बहुत घटिया है रोज वही दाल, वही सब्ज़ी, चार रोटी और चावल। कुछ भी खाने का मन नहीं करता।


क्या है मामला?

दिल्ली हाई कोर्ट ने 27 दिसंबर 2025 को संदीपा विर्क को जमानत दी। अदालत ने माना कि वह चार महीने से अधिक समय जेल में बिता चुकी हैं और मामले का मुख्य आरोपी अमित गुप्ता अभी फरार है। ऐसे में मुकदमे के जल्द समाप्त होने की संभावना कम है।

संदीपा पर आरोप है कि वह एक कथित निवेश घोटाले से जुड़े लेन-देन में शामिल थीं। आरोपों के मुताबिक, एक व्यक्ति को फिल्म में मुख्य भूमिका दिलाने के नाम पर करीब 6 करोड़ रुपये का निवेश कराया गया। प्रवर्तन निदेशालय (ED) का दावा है कि यह धनराशि उनके बैंक खातों के माध्यम से आगे ट्रांसफर की गई और उससे संपत्ति खरीदने या एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़े लेन-देन में इस्तेमाल की गई।

हालांकि अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि मामला 2008 से 2013 के बीच के पुराने वित्तीय लेन-देन से जुड़ा है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर उन्हें नियमित जमानत प्रदान की गई।

 

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