Edited By Mehak, Updated: 27 Jan, 2026 01:39 PM

अदिति गोवित्रिकर ने हाल ही में अपने जीवन के दर्दनाक अनुभवों का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि छह-सात साल की उम्र में उनके पिता के एक दोस्त ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया। बाद में मुंबई में पढ़ाई करते समय उन्हें सुरक्षा की चिंता सताती रही। लोकल...
नेशनल डेस्क : 2002 में फिल्म 'सोच' से बॉलीवुड में कदम रखने वाली अदिति गोवित्रिकर ने अपने करियर और निजी जीवन से जुड़ी कई मुश्किलों का हाल ही में खुलासा किया। अदिति ने 2001 में मिसेज वर्ल्ड का खिताब जीता था और इसके बाद उन्हें 16 दिसंबर, पहेली, दे दना दन जैसी फिल्मों के अलावा बिग बॉस 3 और खतरों के खिलाड़ी जैसे शोज़ में भी देखा गया।
हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में अदिति ने बताया कि उन्हें इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उनका कहना है कि उसी समय लारा दत्ता और प्रियंका चोपड़ा जैसे प्रतियोगियों को ज्यादा मौके और शोहरत मिली, जबकि उन्हें वही सफलता नहीं मिली।
बचपन में हुई परेशानियां
अदिति ने अपने जीवन के कुछ दर्दनाक अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि वे मुश्किल से छह-सात साल की थीं, जब उनके पिता के एक दोस्त ने उनके साथ घटिया हरकत की थी। इसके बाद उन्हें सुरक्षा को लेकर हमेशा सतर्क रहना पड़ता था, खासकर जब वे मुंबई में पढ़ाई करने लगीं। उन्होंने बताया कि 12वीं में अग्रवाल क्लासेस के लिए दादर आती थीं, और लोकल ट्रेनें उनके लिए सुरक्षित विकल्प नहीं थीं, इसलिए बस का इस्तेमाल करती थीं। अदिति ने कहा कि कम उम्र में ऐसे माहौल में बचाव के लिए खुद को तैयार करना पड़ता है।
सुरक्षा के लिए अपनाए उपाय
अदिति ने बताया कि उन्होंने हमेशा अपने साथ बड़े बैग रखे, जिनमें हार्डबोर्ड की किताबें डालकर उन्हें ढाल की तरह इस्तेमाल किया। अगर उन्हें सीट मिल जाती थी तो दोनों तरफ बैग रखकर अपने आप को सुरक्षित करती थीं। उनका कहना है कि इन अनुभवों ने उन्हें जीवनभर सावधान और मजबूत बनाया।

मानसिक असर और संघर्ष
अदिति ने कहा कि ये घटनाएं उनके लिए हमेशा ट्रॉमा रही हैं। उनका अनुभव बताता है कि छोटी उम्र में अपमान और सुरक्षा की कमी का एहसास कितना गहरा होता है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने उन्हें बचपन में ही आत्मरक्षा के तरीके सीखने पर मजबूर किया।