Edited By suman prajapati, Updated: 17 Feb, 2026 05:00 PM

9 करोड़ रुपए के चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल में कैद एक्टर राजपाल यादव की जमानत याचिका पर बीते सोमवार कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया था। कोर्ट ने एक्टर को रिहाई देने से पहले यह शर्त रखी थी कि अगर वो 1.5 रुपए जमा कराएंगे तब ही उन्हें जमानत मिलेगी।...
मुंबई. 9 करोड़ रुपए के चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल में कैद एक्टर राजपाल यादव की जमानत याचिका पर बीते सोमवार कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया था। कोर्ट ने एक्टर को रिहाई देने से पहले यह शर्त रखी थी कि अगर वो 1.5 रुपए जमा कराएंगे तब ही उन्हें जमानत मिलेगी। कोर्ट की शर्त के अनुसार एक्टर ने डेढ़ करोड़ जमा करवा दिए थे, जिसके बाद उन्हें अंतरिम जमानत मिल गई थी। लेकिन जमानत मिलने के बाद भी राजपाल यादव अभी भी जेल में बंद हैं, लेकिन क्यों? तो आइए जानते हैं वजह...
दरअसल, कोर्ट के आदेश के बावजूद वेरिफेकेशन प्रोसेस और बाकी फॉर्मेलिटी पूरी होने के बाद एक्टर आज 17 फरवरी को जेल से रिहा हो पाएंगे। कल राजपाल यादव के वकीलों ने कागजी कार्रवाई पूरी कर ली थी और वेरिफिकेशन प्रोसेस आज दोपहर 12 बजे तक पूरा होने की उम्मीद थी, जिसके बाद वकीलों को जमानत का ऑर्डर दिल्ली की तिहाड़ जेल ले जाना था। अब सभी फॉर्मैलिटी पूरी होने के बाद एक्टर आज शाम तक जेल से रिहा हो जाएंगे और सीधे अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के लिए रवाना होंगे।

मालूम हो, राजपाल यादव की उनकी भतीजी की शादी 19 फरवरी को शाहजहांपुर में होने वाली है। ऐसे में उनका परिवार चाहता था कि एक्टर इससे पहले जेल से बाहर आ जाएं और शादी के फंक्शन अटेंड करें।
मालूम हो, दिल्ली हाई कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव को 18 मार्च तक अंतरिम जमानत दे दी है। शिकायतकर्ता के खाते में 1.5 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए गए हैं और अदालत को इसकी जानकारी भी दी गई। इसके बाद हाई कोर्ट ने उन्हें अंतरिम बेल मंजूर की थी। इसके साथ अदालत ने निर्देश दिया था कि राजपाल यादव अपना पासपोर्ट सरेंडर करें। अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी, जिसमें उन्हें या तो फिजिकली या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उपस्थित होना होगा।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, ये मामला 2012 में आई एक्टर की फिल्म 'अता पता लापता' से जुड़ा है। इस मूवी के लिए राजपाल ने 2010 में दिल्ली के एक बिजनेसमैन से 5 करोड़ का लोन लिया था। हालांकि, ये फिल्म फ्लॉप साबित हुई और राजपाल को भारी नुकसान हुआ। इसके बाद वो कर्ज चुका पाने में असमर्थ रहे। फिस 2018 में राजपाल और उनकी पत्नी के खिलाफ केस किया गया। 5 करोड़ का ये अमाउंट ब्याज के साथ 9 करोड़ हो गया। बार-बार कोर्ट का आदेश मिलने के बाद भी राजपाल यादव ने इस पर गौर नहीं किया और अंत में जब कोर्ट के अल्टीमेटम पर वो पैसा नहीं चुका पाए तो उन्हें खुद को सरेंडर करना पड़ा।