‘दलदल’ ने 56वें IFFI 2025 में रचा नया क्राइम थ्रिलर इतिहास

Edited By Jyotsna Rawat, Updated: 26 Nov, 2025 04:21 PM

prime video s new series  daldal  to be presented at iffi 2025

भारत के सबसे पसंदीदा मनोरंजन प्लेटफ़ॉर्म प्राइम वीडियो ने आज 56वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) में अपनी सीरीज़ ‘दलदल’ की एक्सक्लूसिव फर्स्ट लुक पेश की।

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भारत के सबसे पसंदीदा मनोरंजन प्लेटफ़ॉर्म प्राइम वीडियो ने आज 56वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) में अपनी सीरीज़ ‘दलदल’ की एक्सक्लूसिव फर्स्ट लुक पेश की। इस काल्पनिक सीरीज़ ने अपने रोमांचक चित्रण से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिसमें मुंबई की नई नियुक्त डीसीपी रीटा फ़ेरेरा एक निर्दयी कातिल का पीछा करते हुए शहर के नैतिक धुंधले क्षेत्रों में उलझती जाती है और अपने अतीत की परछाइयों का सामना करती है।

विश धमिजा की बेस्टसेलिंग किताब भेंडी बाज़ार पर आधारित ‘दलदल’ अबंडेंटिया एंटरटेनमेंट का प्रोडक्शन है, जिसे सुरेश त्रिवेणी ने श्रृंखला के रूप में क्रिएट किया है और इसका निर्माण विक्रम मल्होत्रा व त्रिवेणी ने किया है। अमृत राज गुप्ता द्वारा निर्देशित और त्रिवेणी, श्रीकांत अग्नीस्वरण, रोहन डी'सूज़ा और प्रिया सागी द्वारा लिखित यह साइकोलॉजिकल क्राइम थ्रिलर भूमि सतीश पेडनेक्कर, आदित्य रावल और सामरा तिजोरी को मुख्य भूमिकाओं में प्रस्तुत करती है और जल्द ही भारत सहित दुनिया भर के 240+ देशों व क्षेत्रों में प्राइम वीडियो पर प्रीमियर होगी।

इन-रूम एक्सक्लूसिव टीज़र प्रीव्यू के बाद एक ज्ञानवर्धक फायरसाइड चैट हुई जिसका शीर्षक था “बियॉन्ड द स्टीरियोटाइप: रिडिफाइनिंग वीमेन एंड पावर इन मॉडर्न स्टोरीटेलिंग।” इस सत्र में सीरीज़ की मुख्य अभिनेत्री भूमि सतीश पेडनेक्कर और प्राइम वीडियो इंडिया के डायरेक्टर व हेड ऑफ ओरिजिनल्स, निखिल माधोक शामिल हुए, साथ ही ‘दलदल’ के रचनात्मक सहयोगी भी मौजूद रहे। उन्होंने इस सीरीज़ की मनोवैज्ञानिक गहराई और महिला पात्रों के चित्रण में रूढ़ियों को तोड़ने के प्रयासों पर चर्चा की। बातचीत में बताया गया कि ‘दलदल’ जानबूझकर महिला पुलिस अधिकारियों के परिचित रूढ़िगत चित्रण से दूर जाती है और उसकी जगह एक ऐसी महिला का बहुआयामी चित्रण पेश करती है जो मजबूत भी है, द्वंद्वपूर्ण भी, संवेदनशील भी और जटिल उद्देश्य से प्रेरित भी।

प्राइम वीडियो इंडिया के डायरेक्टर और हेड ऑफ ओरिजिनल्स, निखिल माधोक ने महिलाओं-केंद्रित स्टोरीटेलिंग के लिए ब्रांड के दृष्टिकोण और विज़न पर विस्तार से बात की, “प्राइम वीडियो में हमारा महिला-प्रधान स्टोरीटेलिंग का तरीका पूरी तरह से सोचा-समझा है। दशकों तक मुख्यधारा सिनेमा का 90% हिस्सा पुरुष नायकों और पुरुष दृष्टि पर केंद्रित रहा, जबकि टेलीविजन (महिला दर्शकों पर केंद्रित होने के बावजूद) महिलाओं की कहानियों को घरेलू दायरे तक ही सीमित रखता था। स्ट्रीमिंग ने हमें यह मौका दिया कि हम इस पैटर्न को तोड़ सकें और ऐसी महिलाएँ पेश करें जिनके पास एजेंसी हो, गहराई हो, खामियाँ हों, और जिनके आर्क असल जीवन को प्रतिबिंबित करें।

आप इसे हमारी पूरी स्लेट में देख सकते हैं: ‘दलदल’, ‘दहाड़’, ‘कॉल मी बे’, ‘मेड इन हेवेन’, ‘फोर मोर शॉट्स प्लीज़’, ‘सुज़ल’ और कई अन्य भाषाओं में बनी कहानियों में — जहाँ महिलाएँ प्रतीक मात्र नहीं, बल्कि पूरी तरह विकसित, जटिल किरदार हैं।” उन्होंने जोड़ा, “यह सिर्फ महिलाओं की कहानियाँ बताने का मुद्दा नहीं है; बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि महिला निर्णय-प्रक्रिया के हर स्तर पर शामिल हों — विचार, लेखन, निर्माण और क्रियान्वयन तक। यह एक सजग और निरंतर प्रयास है, और प्रतिक्रिया अत्यंत सकारात्मक रही है। दर्शक महिला-प्रधान कहानियों से मुड़े नहीं हैं; उन्होंने उन्हें अपनाया है।”

अभिनेत्री भूमि सतीश पेडनेक्कर, जो सीरीज़ में डीसीपी रीटा फ़ेरेरा की भूमिका निभा रही हैं, ने कहा, “अपने घर की महिलाओं से मैंने सीखा कि ताकत को हमेशा शोर मचाने की जरूरत नहीं होती। वह शांत, दृढ़ और लगातार दुनिया पर सवाल उठाने वाली भी हो सकती है। यह मैंने अपनी माँ में देखा और रीटा में भी। रीटा ज़्यादा बोलती नहीं, लेकिन बहुत कुछ करती है। यदि कार्य शब्दों से अधिक बोलते हैं, तो रीटा फ़ेरेरा से बेहतर कोई किरदार नहीं।

पहली बार मुझे संवादों या आँखों के भावों पर निर्भर नहीं होना था। मुझे सबसे छोटे शारीरिक संकेतों से संवाद करना था — जैसे अपराधबोध में उसकी गर्दन कस जाना या गुस्से पर उसके शरीर की प्रतिक्रिया। यह मेरे करियर की सबसे कठिन भूमिकाओं में से एक थी, और इससे बाहर आने में मुझे महीनों लगे। लेकिन यह बेहद संतोषजनक भी रहा क्योंकि मुझे एक ऐसी टीम ने चुनौती दी, जो जटिलता, अंधकार और महिलाओं के लिए एंटी-हीरो गुणों को लिखने में विश्वास रखती है। हमारे लिए ऐसे किरदार बहुत कम लिखे जाते हैं।”

अबंडेंटिया एंटरटेनमेंट के संस्थापक और सीईओ तथा ‘दलदल’ के निर्माता विक्रम मल्होत्रा ने ‘शकुंतला देवी’, ‘जलसा’, ‘शेरनी’, ‘हश हश’ और अब ‘दलदल’ जैसी परियोजनाओं के माध्यम से मजबूत महिला किरदारों को समर्थन देने पर कहा, “अबंडेंटिया में हमेशा कहानी प्राथमिकता होती है, और फिर कहानी कहने वाले का दृष्टिकोण। मेरा मानना है कि जैसे ही आप कहानियों को महिला-प्रधान या पुरुष-प्रधान कहकर बाँटते हैं, आप उद्देश्य को कमजोर कर देते हैं। कहानियों को सार्वभौमिक रूप से जुड़ना चाहिए, तभी वे दर्शकों तक पहुँच पाती हैं। मजबूत महिला किरदारों को गढ़ते समय संतुलन अहम है। कोई भी पूरी तरह अच्छा या पूरी तरह बुरा नहीं होता। भारतीय सिनेमा में महिलाओं के ऐतिहासिक चित्रण के साथ मेरी समस्या यही है कि वह हमेशा एक पक्ष चुन लेता है। अबंडेंटिया में हम मानव-सत्य, जटिलता, सूक्ष्मता और भावनात्मक सच्चाई को अपनाते हैं।”

निर्माता और क्रिएटर सुरेश त्रिवेणी ने कहा, “जब यह शो पहली बार मेरे पास आया, तो मेरे मन में भी वही झिझक थी जो कई लोगों की होती है: एक और क्राइम कहानी, वही पुराने पैटर्न। इस जॉनर में कुछ निश्चित टेम्पलेट्स होते हैं और आप मान लेते हैं कि आप भी उनमें फँस जाएंगे। लेकिन ‘दलदल’ के साथ हमारी कोशिश बहुत अलग थी। यह सिर्फ अच्छे बनाम बुरे की कहानी नहीं है, न ही सिर्फ यह जानने की कि कातिल कौन है। हम उससे आगे जाना चाहते थे। हमें इस बात में दिलचस्पी थी कि यह सब शुरू कहाँ से होता है। सच तो यह है कि हम सब में अच्छा-बुरा दोनों होता है; हम सभी में कहीं न कहीं क्रोध है। शो इसी क्षेत्र को खोजता है। हम ‘व्होडनिट’ के दायरे में सीमित नहीं रहना चाहते थे; हम गहरा सवाल पूछना चाहते थे: लोग वह क्यों करते हैं जो वे करते हैं?”

निर्देशक अमृत राज गुप्ता ने क्राइम थ्रिलर पर काम करने के अनुभव पर कहा, “जब मैंने पहली बार स्क्रिप्ट पढ़ी, तो मुझे यह पूरी तरह समझ नहीं आया कि रीटा वैसी क्यों है: उसका आघात, उसका अतीत और कैसे वह उसके वर्तमान को आकार देता है। जब यह समझ आ गया, तो प्रक्रिया सरल हो गई। और जब आपके साथ भूमि जैसी सहयोगी, सहज और उदार अभिनेत्री हो, तो काम आनंददायक बन जाता है।

निर्माता और क्रिएटर के सहयोग से चीजें धीरे-धीरे अपनी जगह पर बैठती गईं। हम खुद को लगातार यह याद दिलाते रहे कि क्योंकि ये किरदार इतने जटिल हैं, इसलिए ‘कम ज़्यादा है’। हम किसी भी भावना को ज़्यादा नहीं दिखाना चाहते थे। हम सिर्फ उन्हें इंसान की तरह देखना चाहते थे — संवेदनशील, त्रुटिपूर्ण, परतदार। हम पक्ष नहीं लेना चाहते थे। हम देखना चाहते थे और दर्शकों को अपना नज़रिया तय करने देना चाहते थे।”

विक्रम मल्होत्रा और सुरेश त्रिवेणी द्वारा निर्मित, तथा त्रिवेणी द्वारा श्रृंखला के रूप में क्रिएट की गई ‘दलदल’ — अबंडेंटिया एंटरटेनमेंट का प्रोडक्शन विश धमिजा की बेस्टसेलिंग किताब भेंडी बाज़ार पर आधारित, इस सीरीज़ का निर्देशन अमृत राज गुप्ता ने किया है, और इसमें भूमि सतीश पेडनेक्कर, आदित्य रावल और सामरा तिजोरी प्रमुख भूमिकाओं में हैं‘दलदल’ जल्द ही प्राइम वीडियो पर भारत सहित 240+ देशों और क्षेत्रों में एक्सक्लूसिव रूप से प्रीमियर होगी।

 

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