Edited By Radhika, Updated: 28 Nov, 2025 05:39 PM

एक्टर धर्मेंद्र के निधन के बाद उनकी पसर्नल लाइफ काफी चर्चा का विषय बन रही है। खासकर हेमा मालिनी के साथ शादी की ज्यादा चर्चा हो रही है। दोनों की शादी साल 1980 में हुई थी।
नेशनल डेस्क: एक्टर धर्मेंद्र के निधन के बाद उनकी पसर्नल लाइफ काफी चर्चा का विषय बन रही है। खासकर हेमा मालिनी के साथ शादी की ज्यादा चर्चा हो रही है। दोनों की शादी साल 1980 में हुई थी। उस समय दोनों की शादी विवादों में आई थी। ऐसा इसलिए क्योंकि धर्मेंद्र पहले से ही प्रकाश कौर के पति थे और उनके चार बच्चे (सनी देओल, बॉबी देओल, अजेता देओल और विजेता देओल) थे। हिंदू विवाह अधिनियम (Hindu Marriage Act) के तहत धर्मेंद्र पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी नहीं कर सकते थे। इसी कानूनी पेंच से बचने के लिए लंबे समय तक यह खबर फैलती रही कि दोनों ने इस्लाम धर्म अपनाकर निकाह किया था।

धर्म बदलकर करवाया था निकाह
साल 1979 में दोनों ने एक ऐसा कदम उठाया जिसने उस दौर की सुर्खियों को झकझोर कर रख दिया। 21 अगस्त 1979 को हेमा मालिनी और धर्मेंद्र दोनों ने कथित तौर पर मुस्लिम धर्म अपनाया। निकाह के लिए धर्मेंद्र ने अपना नाम बदलकर दिलावर खान रखा। हेमा मालिनी ने अपना मुस्लिम नाम आयशा बी रखा। दोनों ने बेहद निजी तरीके से निकाह किया और इस बात को काफी समय तक छुपाकर रखा। जब यह खबर सामने आई, तो मीडिया और समाज में खूब हंगामा हुआ। लोगों ने सवाल उठाए और विरोध किया, लेकिन हेमा और धर्मेंद्र ने कभी भी सार्वजनिक तौर पर इस पर सफाई देना जरूरी नहीं समझा।
विवाद के बावजूद प्यार का सफर जारी
मुस्लिम रीति-रिवाजों से निकाह करने के कुछ महीनों बाद 2 मई 1980 को दोनों ने हिंदू रीति-रिवाजों से भी विवाह कर लिया। हेमा और धर्मेंद्र की ज़िंदगी की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने एक-दूसरे के पारिवारिक मामलों में कभी दखल नहीं दिया। धर्मेंद्र अपनी दोनों पत्नियों और बच्चों की ज़िम्मेदारी निभाते रहे। प्रकाश कौर ने भी कभी हेमा को लेकर सार्वजनिक तौर पर कोई नाराजगी जाहिर नहीं की और हेमा ने भी हमेशा इस रिश्ते को सम्मान के साथ स्वीकार किया।
धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की प्रेम कहानी सिर्फ रोमांस नहीं थी, बल्कि उस दौर के सामाजिक नियमों के खिलाफ एक साहसिक कदम भी था। उन्होंने अपने रिश्ते को निभाने के लिए धर्म बदलने जैसा कठिन रास्ता चुना, लेकिन उनके प्रेम पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।