Edited By Jyotsna Rawat, Updated: 02 Oct, 2026 01:22 PM

यहां पढ़ें कैसी है फिल्म प्रेम कीटाणु
फिल्म- प्रेम कीटाणु (Prem Keetanu)
स्टारकास्ट- वीर पहाड़िया (Veer Pahariya), अपारशक्ति खुराना (Aparshakti Khurana), आफिया सैयद (Aafiya Sayed), राकेश बेदी (Rakesh Bedi) और निखिल विजय (Nikhil Vijay)
डायरेक्टर- अपूर्व सिंह कार्की
(Apoorv Singh Karki)
रेटिंग- 4*
Prem Keetanu: वीर पहाड़िया और अपारशक्ति खुराना की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'प्रेम कीटाणु' में सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। फिल्म में वीर पहाड़िया और अपारशक्ति खुराना की जोड़ी देखने को मिलगी। फिल्म को अपूर्व सिंह कार्की
द्वारा डायरेक्ट किया गया है वहीं इस फिल्म में वीर पहाड़िया, अपारशक्ति खुराना और आफिया सैयद मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हैं। प्रेम कीटाणु फिल्म की कहानी कॉलेज के दोस्तों, उनके प्यार, दोस्ती और गलतफहमियों पर आधारित एक हल्की-फुल्की कॉमेडी-ड्रामा है। तो चलिए जानते हैं कैसी है फिल्म प्रेम कीटाणु...
कहानी
फिल्म की कहानी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर की पृष्ठभूमि पर आधारित है। इसमें एक कॉलेज के लव ट्राएंगल के साथ दोस्तों के एक ग्रुप की जिंदगी को दिखाया गया है। फिल्म में दिखाया गया है कि वीर और अपारशक्ति को एक ही लड़की से प्यार हो जाता है। अब शुरू होता है लव ट्राइंगल। कहानी में ये युवा पढ़ाई से जुड़ी परेशानियों, दोस्ती, प्यार और दिल टूटने जैसी परिस्थितियों से गुजरते हैं। तो आगे क्या होगा यह फिल्म देखने के बाद पता चलेगा...

एक्टिंग
फिल्म में वीर पहाड़िया ने अपने किरदार को आत्मविश्वास और सहजता के साथ निभाया है और उनके अभिनय में भावनात्मक उतार-चढ़ाव नजर आते हैं। वहीं अपारशक्ति खुराना ने अपने किरदार में स्वाभाविकता बनाए रखी है और उनका अभिनय कहानी के साथ अच्छी तरह मेल खाता है। आफिया सैयद ने भी अपने किरदार को सादगी और भावनात्मक गहराई के साथ पेश किया है। राकेश बेदी ने अपने अनुभव के साथ किरदार में सहजता और प्रभाव जोड़ा है, जबकि निखिल विजय ने अपने किरदार को नैचुरल अंदाज में निभाते हुए कहानी में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।

डायरेक्शन
फिल्म ‘प्रेम कीटाणु’ का निर्देशन अपूर्व सिंह कार्की ने किया है जबकि इसके निर्माता गौरव वर्मा हैं। निर्देशक ने कहानी को दिलचस्प अंदाज में पर्दे पर पेश करने की कोशिश की है। फिल्म के ज्यादातर सीन में नयापन देखने को मिलता है और कहानी को इस तरह आगे बढ़ाया गया है कि दर्शकों की दिलचस्पी बनी रहती है। हालांकि, कुछ जगहों पर ऐसा महसूस होता है कि कहानी और किरदारों को थोड़ा और विस्तार दिया जा सकता था, जिससे फिल्म का प्रभाव और बेहतर हो सकता था। इसके बावजूद निर्देशन की अच्छी बात यह है कि फिल्म की रफ्तार बनी रहती है और कई जगहों पर कहानी दर्शकों को बांधे रखने में कामयाब होती है।