Edited By Jyotsna Rawat, Updated: 19 Jan, 2026 06:19 PM

लाउड नैरेटिव और भारी-भरकम संवादों से भरे सिनेमाई परिदृश्य में 'गाँधी टॉक्स' का टीजर एक साहसी और चौंकाने वाली एंट्री साबित होता है...
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। लाउड नैरेटिव और भारी-भरकम संवादों से भरे सिनेमाई परिदृश्य में 'गाँधी टॉक्स' का टीजर एक साहसी और चौंकाने वाली एंट्री साबित होता है, जिसे मौन, तीखा और अनदेखा करना नामुमकिन है। यह टीजर बिना एक शब्द बोले केवल भावनाओं, दृश्य-रचना और नियंत्रित अराजकता के सहारे दर्शकों को एक ऐसे संसार में खींच ले जाता है जो तनाव से भरा हुआ है।
बिना संवादों वाला यह टीजर बेचैन कर देने वाले सवाल उठाता है। गहन दृश्य, ठहरे हुए क्षण और असहज मौन मिलकर संघर्ष, असंतोष और बदलाव की झलक दिखाते हैं और दर्शकों में उत्सुकता जगाते हैं कि गांधी असल में क्या कहना चाहते हैं। यहां मौन केवल अनुपस्थित नहीं है, बल्कि प्रभाव को कई गुना बढ़ाता है, दर्शकों को दृश्यों के बीच पढ़ने और अनकहे को महसूस करने के लिए मजबूर करता है।
विजय सेतुपति, अरविंद स्वामी, अदिती राव हैदरी और सिद्धार्थ जाधव जैसे दमदार कलाकारों से सजी यह फिल्म अपने टीजर में ऐसे प्रदर्शन दिखाती है जो बिना शब्दों के भी बहुत कुछ कह जाते हैं। निर्देशक किशोर पांडुरंग बेलेकर के निर्देशन में बनी गांधी टॉक्स को ए. आर. रहमान के प्रभावशाली और भावनात्मक संगीत का संपूर्ण सहयोग मिला है, जहाँ संगीत कहानी की आवाज़ बनकर हर ठहराव, हर टकराव और हर अनकहे भाव को गूंजदार बनाता है।
ज़ी स्टूडियोज द्वारा प्रस्तुत, और क्यूरियस डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड, पिंक्मून मेटा स्टूडियोज तथा मूवी मिल एंटरटेनमेंट के सहयोग से बनी गांधी टॉक्स एक साहसी, प्रयोगधर्मी थिएट्रिकल अनुभव का वादा करती है, जहाँ सिनेमा के स्थापित ढांचे को चुनौती दी जाती है, और मौन को कहानी कहने की भाषा में बदल दिया जाता है। गांधी टॉक्स 30 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
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