Edited By Jyotsna Rawat, Updated: 22 May, 2026 04:45 PM

कुणाल ठाकुर इन दिनों 'हूज़ योर गायनाक?' में डॉ. अर्थ धमेचा के किरदार से दर्शकों का दिल जीत रहे हैं।
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कुणाल ठाकुर इन दिनों 'हूज़ योर गायनाक?' में डॉ. अर्थ धमेचा के किरदार से दर्शकों का दिल जीत रहे हैं। इसके साथ ही वह पुरुषों की मानसिक सेहत और समाज में पुरुषों को अपनी भावनाएं दबाने की सीख देने वाली सोच पर भी खुलकर अपनी बात रख रहे हैं। अपने विचारों और बातचीत के जरिए कुणाल पुरुषों को मजबूत दिखने के दिखावे के बजाय अपनी भावनाओं को स्वीकारने और संवेदनशीलता को अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
इस विषय पर खुलकर बात करते हुए कुणाल ने कहा, “संवेदनशील होना वास्तव में सबसे बड़ी ताकत है। और मैं यह सिर्फ इसलिए नहीं कह रहा, क्योंकि मैं एक अभिनेता हूं, बल्कि इसलिए क्योंकि अभिनेता बनने के बाद मैंने समझा कि इंसान एक बेहतर व्यक्ति कैसे बन सकता है। लोगों की भावनाओं से कैसे सीखा जा सकता है, वे जीवन में कैसे आगे बढ़ना चाहते हैं, कौन-से सबक छोड़कर जाना चाहते हैं या क्या सीखकर आगे बढ़ना चाहते हैं। संवेदनशीलता ही असली ताकत है, और कुछ नहीं।”
एक ऐसे समाज में जहां पुरुषों से अक्सर भावनात्मक रूप से मजबूत और अप्रभावित दिखने की उम्मीद की जाती है, कुणाल का यह नजरिया भावनात्मक ईमानदारी और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को सामने लाता है। संवेदनशीलता, सहानुभूति और आत्म-जागरूकता जैसे विषयों पर खुलकर बात कर अभिनेता पुरुषत्व से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे रूढ़िवादी विचारों को चुनौती दे रहे हैं और पुरुषों की मानसिक सेहत पर स्वस्थ बातचीत को बढ़ावा दे रहे हैं।
पिछले कुछ वर्षों में कुणाल ठाकुर ने एनिमल, कबीर सिंह और द ट्रायल सीज़न 2 जैसे प्रोजेक्ट्स में यादगार भूमिकाओं के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई है। वहीं 'हूज़ योर गायनाक?’ के साथ वह अपनी बहुमुखी प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ ईमानदारी, गहराई और सहज अभिनय के जरिए दर्शकों से मजबूत जुड़ाव भी बना रहे हैं।