'बजरंगी भाईजान' के 11 साल: जानिए 5 वजहें, क्यों आज भी दिल को छू जाती है फिल्म

Edited By Jyotsna Rawat, Updated: 17 Jul, 2026 04:29 PM

11 years complete of bajrangi bhaijaan

साल 2015 में सलमान खान की बजरंगी भाईजान रिलीज हुई थी और 11 साल बाद भी यह फिल्म अपनी दिल छू लेने वाली कहानी से लोगों को भावुक कर देती है।

नई दिल्ली/टीम डिजिटल।  साल 2015 में सलमान खान की बजरंगी भाईजान रिलीज हुई थी और 11 साल बाद भी यह फिल्म अपनी दिल छू लेने वाली कहानी से लोगों को भावुक कर देती है। फिल्म की कहानी पवन की है, जो भगवान हनुमान का सच्चा भक्त है। उसे हरियाणा में एक गूंगी छोटी बच्ची मिलती है, जो रास्ता भटक गई होती है। बाद में उसे पता चलता है कि वह पाकिस्तान की रहने वाली है। इसके बाद पवन अपनी जान की परवाह किए बिना उसे उसके परिवार से मिलाने के लिए एक ऐसा सफर शुरू करता है, जो उसकी जिंदगी बदल देता है। कबीर खान के निर्देशन में बनी यह फिल्म भावनाओं से भरपूर थी। इसने जहां दर्शकों को हंसाया, वहीं इसके गाने, कलाकारों की दमदार परफॉर्मेंस, इंसानियत का मजबूत संदेश और क्लाइमैक्स ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। बजरंगी भाईजान के 11 साल पूरे होने पर आइए उन पलों पर नजर डालते हैं, जो आज भी हमें भावुक कर देते हैं।

पवन और मुन्नी का खूबसूरत रिश्ता!

भगवान हनुमान के सच्चे भक्त और भोले-भाले पवन की मुलाकात गूंगी बच्ची मुन्नी से होती है। दोनों के बीच जो रिश्ता बनता है, वह इतना सच्चा और प्यारा है कि आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है। मुन्नी को हर मुश्किल से बचाने का पवन का जज्बा और उसे सुरक्षित उसके घर पाकिस्तान पहुंचाने की उसकी कोशिश, हर पल दर्शकों को भावुक कर देती है। दर्शकों ने भी उनकी इस दिल छू लेने वाली यात्रा के हर पल को महसूस किया।

इंसानियत सरहदों से बड़ी होती है!

इस फिल्म ने बहुत खूबसूरती से दिखाया कि इंसानियत हर फर्क से ऊपर होती है। धर्म और देशों की सरहदों के बावजूद पवन और मुन्नी ने साबित किया कि दया, प्यार और इंसानियत सबसे ज्यादा मायने रखती है। देशों की सीमाएं हो सकती हैं, लेकिन इंसानियत की कोई सरहद नहीं होती। फिल्म का यह मजबूत संदेश आज भी लोगों के दिलों को छूता है।

पूरी स्टारकास्ट की दमदार परफॉर्मेंस!

बजरंगी भाईजान की पूरी स्टारकास्ट ने शानदार अभिनय किया था। चाहे पवन के किरदार में सलमान खान हों, मुन्नी के रोल में हर्षाली मल्होत्रा, रसिका के किरदार में करीना कपूर खान या फिर चांद नवाब बने नवाजुद्दीन सिद्दीकी, हर कलाकार ने अपने अभिनय से गहरी छाप छोड़ी। सभी ने अपने किरदारों को इतनी सच्चाई से निभाया कि दर्शक हंसे भी, रोए भी और हर भावना को दिल से महसूस किया।

आज भी रोंगटे खड़े कर देने वाला क्लाइमैक्स!

जब पवन मुन्नी को उसके परिवार से मिलाने के लिए सरहद पार जाने का फैसला करता है, तभी से दर्शक उसकी इस यात्रा से भावनात्मक रूप से जुड़ जाते हैं। आखिर में जब मुन्नी अपने परिवार से मिलती है, तो आंखों से आंसू रोकना मुश्किल हो जाता है। लेकिन सबसे यादगार पल तब आता है, जब बॉर्डर पर मुन्नी पहली बार पवन को आवाज लगाती है। दोनों का यह भावुक मिलन भारतीय सिनेमा के सबसे आइकॉनिक और रोंगटे खड़े कर देने वाले दृश्यों में से एक माना जाता है।

हर भावना को और खास बना देने वाला संगीत और बैकग्राउंड स्कोर!

बजरंगी भाईजान का म्यूजिक एल्बम अपने आप में बेहद खास था। फिल्म का हर गाना इसकी भावनात्मक कहानी के साथ पूरी तरह जुड़ता है और दर्शकों को किरदारों के और करीब ले जाता है। चाहे सेल्फी ले ले रे, तू चाहिए, आज की पार्टी, भर दो झोली मेरी, चिकन कुक-डू-कू, जिंदगी कुछ तो बता या तू जो मिला हो, हर गाना लोगों की जुबान पर चढ़ गया था। फिल्म का संगीत और बैकग्राउंड स्कोर हर इमोशन को और गहरा बना देता है और आज भी उतना ही यादगार है।

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