Edited By Jyotsna Rawat, Updated: 18 May, 2026 03:27 PM

आज के दौर में जहां फिल्में बड़े VFX, भारी-भरकम एक्शन, चमकदार सेट्स और शोरगुल से दर्शकों को आकर्षित करने की कोशिश करती हैं..
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। आज के दौर में जहाx फिल्में बड़े VFX, भारी-भरकम एक्शन, चमकदार सेट्स और शोरगुल से दर्शकों को आकर्षित करने की कोशिश करती हैं, वहीं “कृष्णा और चिट्ठी” एक ऐसी फिल्म बनकर सामने आ रही है जो सीधे दिल और आत्मा को छूने का वादा करती है।
29 मई को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होने जा रही यह फिल्म केवल भगवान श्रीकृष्ण की कहानी नहीं है, बल्कि हर उस भक्त की कहानी है जिसने कभी अपने भगवान को एक चिट्ठी लिखी हो, कभी मन ही मन उनसे बात की हो, कभी अपने दुख-सुख उनके चरणों में रखे हों।
फिल्म के निर्माताओं का कहना है कि “कृष्णा और चिट्ठी” को “भगवान की फिल्म” कहना अधूरा होगा, क्योंकि यह वास्तव में हर भक्त की फिल्म है, जिसमें भगवान स्वयं नायक बनकर भक्त के जीवन में उपस्थित रहते हैं।
फिल्म में दिग्गज अभिनेता अरुण गोविल एक पिता की भावुक भूमिका में नज़र आएंगे, जबकि दर्शील सफारी बेटे के किरदार में दिखाई देंगे। पिता और पुत्र के रिश्ते के माध्यम से यह फिल्म संगीत, भावनाओं और आस्था से भरी एक सुंदर यात्रा प्रस्तुत करती है।
फिल्म की सबसे बड़ी खूबसूरती इसकी सादगी है। यह किसी चमत्कार को बड़े दृश्य प्रभावों से नहीं दिखाती, बल्कि उस विश्वास को दिखाती है जो हर घर में, हर मंदिर में और हर भक्त के दिल में जीवित है। वह मंदिर जिसे भक्त अपने भगवान के लिए बनाना चाहता है, जबकि भगवान ने कभी माँगा नहीं… वह मासूम चिट्ठी जो एक भक्त अपने कृष्ण को लिखता है… और फिर जीवन में किसी न किसी रूप में उस प्रार्थना का उत्तर मिल जाना — यही इस फिल्म की आत्मा है।
“कृष्णा और चिट्ठी” केवल एक धार्मिक फिल्म नहीं, बल्कि भक्ति, प्रेम, विश्वास और भगवान की लीला का ऐसा अनुभव है जो हर उम्र के दर्शकों को अपने जीवन से जुड़ा हुआ महसूस होगा।
29 मई को यह फिल्म केवल सिनेमाघरों में नहीं आएगी, बल्कि करोड़ों भक्तों की भावनाओं और उनके भगवान के साथ रिश्ते को बड़े पर्दे पर जीवंत करेगी।