भूत की आजादी पड़ी भारी, सात साल की गुलामी में फंसा ‘सास बहू और भूत’

Edited By Jyotsna Rawat, Updated: 03 Oct, 2026 02:07 PM

a new style of comedy seen in saas bahu aur bhoot

‘सास बहू और भूत’ इसी अनोखे कॉम्बिनेशन के साथ हॉरर और कॉमेडी को मिलाकर दर्शकों के सामने एक हल्की-फुल्की कहानी पेश करता है।

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। सास-बहू की नोकझोंक टीवी और डिजिटल कंटेंट में कोई नई बात नहीं है, लेकिन अगर इसी रिश्ते के बीच एक 40 साल से कैद भूत की एंट्री हो जाए, तो कहानी का अंदाज जरूर बदल जाता है। ‘सास बहू और भूत’ इसी अनोखे कॉम्बिनेशन के साथ हॉरर और कॉमेडी को मिलाकर दर्शकों के सामने एक हल्की-फुल्की कहानी पेश करता है। यह शो RDC TV Channel के YouTube चैनल पर 1 अक्टूबर से शुरू हुआ है और रोज शाम 7 बजे प्रसारित हो रहा है।

कहानी का केंद्र है एक पुराना बंगला, जिसका नाम है ‘दीमक धाम’। इस बंगले में एक भूत पिछले 40 सालों से कांच की बोतल में कैद है। आजादी पाने के लिए वह इतना बेचैन है कि जो भी उसे बोतल से बाहर निकालेगा, उसकी सात साल तक गुलामी करने का वादा करता है।

भूत को लगता है कि आजादी मिलते ही उसकी मुश्किलें खत्म हो जाएंगी, लेकिन उसे क्या पता कि उसकी किस्मत उसे ऐसी सास-बहू की जोड़ी तक पहुंचाने वाली है, जहां डराने वाला खुद ही परेशान होने वाला है।

बंगले में एक परिवार के आने के बाद सास और बहू को एक बंद कमरे के बारे में पता चलता है। नौकर उन्हें उस कमरे से दूर रहने की सलाह देता है, लेकिन दोनों की जिज्ञासा उन्हें वहां तक पहुंचा देती है। कमरे में रखी लाल रंग की बोतल को देखकर दोनों उसे हासिल करने की कोशिश करती हैं और इसी दौरान बोतल टूट जाती है।

इसके साथ ही 40 साल से कैद भूत आजाद हो जाता है।

भूत के लिए यह उसकी नई जिंदगी की शुरुआत है, लेकिन जल्द ही उसे समझ आ जाता है कि आजादी के बाद उसकी जिंदगी आसान नहीं होने वाली। सास-बहू की लगातार होने वाली नोकझोंक के बीच उसे अपने सात साल की गुलामी का वादा निभाना पड़ता है।

यहां शो का सबसे दिलचस्प कॉमेडी एंगल सामने आता है। जिस भूत का काम लोगों को डराना होना चाहिए, वही घर की सास-बहू से बचता हुआ नजर आता है। कभी वह घर के किसी कोने में छिपता है तो कभी दोनों की बहस से परेशान होकर वहां से निकलने की कोशिश करता है।

यही उलटफेर शो की कॉमेडी का आधार बनता है। हॉरर को डर पैदा करने के बजाय हास्य के लिए इस्तेमाल किया गया है।

परन गाला और प्राची घिल्डियाल ने सास-बहू के किरदारों में अपनी केमिस्ट्री से कहानी को संभाला है। दोनों के बीच होने वाली नोकझोंक और एक-दूसरे को मात देने की कोशिशें शो को आगे बढ़ाती हैं।

वहीं पंकज उपाध्याय भूत के किरदार में कॉमिक टाइमिंग के जरिए अपनी अलग छाप छोड़ते हैं। उनका किरदार कहानी की सबसे बड़ी विडंबना है—दूसरों को डराने वाला भूत खुद सास-बहू से परेशान है।

मो. मुदस्सिर, साहिल त्यागी, महेंद्र कुमार, मेलानी पेस और रवींद्र कुमार भी अपने-अपने किरदारों के जरिए कहानी में मनोरंजन का हिस्सा जोड़ते हैं। निर्देशक संकेत श्रीरंग चक्रवर्ती ने हॉरर और कॉमेडी को एक साथ मिलाकर इसे डरावनी कहानी के बजाय फैमिली एंटरटेनमेंट की दिशा में रखा है। शो में भूत जरूर है, लेकिन उसका मकसद डर पैदा करने से ज्यादा हंसाना है।

निर्माता और क्रिएटर राजेश रणशिंगे ने सास-बहू की पारंपरिक कहानी में भूत का एंगल जोड़कर एक अलग तरह का कॉन्सेप्ट तैयार करने की कोशिश की है। खास बात यह है कि यहां भूत कहानी का डर नहीं, बल्कि कॉमेडी का जरिया बन जाता है।

‘सास बहू और भूत’ उन दर्शकों के लिए हल्का-फुल्का मनोरंजन लेकर आता है, जिन्हें पारिवारिक कॉमेडी के साथ थोड़ा हॉरर ट्विस्ट पसंद है। कहानी का सबसे मजेदार हिस्सा यही है कि यहां समीकरण पूरी तरह उलट दिए गए हैं—भूत लोगों को डराने नहीं, बल्कि सास-बहू से खुद बचने की कोशिश करता दिखाई देता है।

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